झांसी। न्यायालय विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण झांसी नेत्रपाल सिंह की अदालत ने दलित पर प्राण घातक हमला कर घायल करने वाले आरोपियों को जमानत देने से इंकार कर उनका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
अभियोजन की और से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता केशवेंद्र प्रताप सिंह और कपिल कैरोलिया ने जानकारी देते हुए बताया कि अवधेश ने 7 जुलाई 2026 को थाना मऊरानीपुर में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि वह अपने उधारी के रुपए मांगने गया था तभी विपक्षी साहिल और कुणाल ने उसे जाति सूचक शब्दों से अपमानित कर गाली गलौज की और ईट पत्थर से हमला कर दिया। जिससे उसके सर व शरीर में अन्य स्थानों पर गंभीर चोटें आई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर आरोपियों को जेल भेज दिया था। आज दोनों आरोपियों की ओर से न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। जिसकी सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोनों को जमानत देने से इनकार कर उनका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। अभियुक्तों को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

