झांसी। न्यायालय विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण अधिनियम झांसी नेत्रपाल सिंह की अदालत ने दलित पर प्राण घातक हमला करने के आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर उनका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। अभियुक्तों को जेल में ही रहना पड़ेगा।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता केशवेंद्र प्रताप सिंह और कपिल कैरोलिया ने जानकारी देते हुए बताया कि वादी मुकदमा विकास वाल्मीक ने थाना बरुआ सागर में 31 जुलाई 2022 को रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि मतवाना मोहल्ला निवासी संतोष कुशवाहा और धर्मेंद्र कुशवाह आए दिन उसे जाति सूचक शब्दों से अपमानित करते थे। घटना वाले दिन संतोष कुशवाह, धर्मेंद्र कुशवाह अपने अज्ञात साथियों के साथ हाथों में लाठी डंडा और धारदार हथियार लेकर आए और उस पर जान से मारने की नीयत से हमला कर दिया। इस हमले मेवज बहुत गंभीर रूप से घायल हो गया। हमलावर उसे जान से मारने की धमकी देकर भाग गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना करते हुए न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। आज न्यायालय में आरोपी संतोष कुशवाह और धर्मेंद्र की ओर से जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। जिसकी सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपियों को जमानत देने से इंकार कर उनका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दोनों को जेल भेज दिया है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

