झांसी। आज कलेक्टर नवीन सभागार में जिलाधिकारी गौरांग राठी ने सीडीओ की अध्यक्षता में आयोजित जनपद स्तरीय अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक में खण्ड विकास अधिकारी बबीना आयुष सैनी आईएएस द्वारा तैयार “हरा चारा ट्रैकर” की प्रशंसा करते हुए कहा कि जनपद में अब भविष्य में प्रत्येक गौआश्रय केंद्र/गौशालाओं में हरे चारी की उपलब्धता ऑनलाइन सुनिश्चित की जा सकेगी। उन्होंने प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने का सुझाव दिया। विभाग द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा में उन्होंने कहा कि गौवंशो के संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है यह योजना मुख्यमंत्री की सर्वोच्च प्राथामिकताओं में है। अतएव गौशालाओं जो कमियां है उन्हें जल्द से जल्द दूर कर सही तरीके से संचालित किए जाने के निर्देश दिए। बैठक में डीएम ने जनप्रतिनिधियों द्वारा जनपद के गौ संरक्षण केंद्र एंव गोआश्रय केंद्रों के निरीक्षण के क्रम में बृहद गोआश्रय केन्द्र गुढ़ा विकासखंड गुरसरायं एवं अस्थायी गौ आश्रय केंद्र गुलारा विकासखंड चिरगांव की शिकायतें प्राप्त होने पर जाँचोउपरांत दोनों का अनुबंध निरस्त कर दिया गया है की जानकारी देते हुए कहा कि समस्त गोवंश का निस्तारण प्रॉपर तरीके से एवं उपलब्ध सभी रजिस्टरों का रहना सुनिश्चित किया जाए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड ने जनपद में निर्माणाधीन बृहद गो संरक्षण केंद्रों की अद्यतन स्थिति की समीक्षा करते हुए सुकवां विकासखंड बबीना में उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण सहकारी संघ लिमिटेड निर्माण प्रखंड द्वारा निर्माणाधीन वृहद गोरक्षण केंद्र की जांच बीडीओ बबीना के द्वारा किए जाने पर गुणवत्ता असंतोषजनक/अधोरामानक पाए जाने पर सख्त नाराजगी व्यक्त की फटकार लगाते हुए कार्य को बेहतर करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम लारौनी विकासखंड, मऊरानीपुर में भी संस्था द्वारा कराए जा रहे कार्य की गुणवत्ता पर भी नाराजगी व्यक्त करते हुए जल्द से जल्द कार्य पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए। गौ आश्रय स्थलों पर गौवंश के लिए हरे चारे की उपलब्धता की समीक्षा करते हुए सीडीओ ने कहा कि हरा चारा सभी गौवंश को उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी एनजीओ की है, यदि इसमें किसी प्रकार की कोताही अथवा लापरवाही बरती जाती है तो अनुबंध निरस्त किया जाएगा। उन्होंने उपस्थित बीडीओ को सत्यापन किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने एनजीओ द्वारा अधिग्रहण गोशालाओं में बेहतर से बेहतर सुविधाएँ दिए जाने के निर्देश दिए। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि जल्द ही विभिन्न गौ संरक्षण केन्द्र, गोशाला का निरीक्षण किया जाएगा।अतः सभी गौशालाओं में यदि अव्यवस्थाएँ हैं, तो उन्हें व्यवस्थित कर लिया जाए, हरे चारे की उपलब्धता निधार्रित रजिस्टर पर सुनिश्चित करें। उपलब्ध रजिस्टर में प्रत्येक गोवंश का विवरण दर्ज होना चाहिए कहीं किसी गौशाला में कोई कमी पाई जाती है तो जिम्मेदारी तय करते हुए संबंधित के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। आयोजित बैठक में खण्ड विकास अधिकारी आयुष सैनी,आईएएस द्वारा “हरा चारा ट्रैकर” की जानकारी देते हुए बताया गया कि अब ऑनलाइन गोआश्रय केंद्रों पर उपलब्ध हरे चारे की उपलब्धता कोसुनिश्चित किया जा सकेगा। ट्रैकर के माध्यम से गौशालाओं में गोवंश हराचारा खिलाते हुए के फोटोग्राफ सुबह और शाम अपलोड किए जाएंगे ताकि मुख्यालय स्तर पर अधिकारियों द्वारा मॉनिटर किया जा सकता है। मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित बैठक मेंगो आश्रय स्थलों पर बीवी जी राम जी योजना अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों एवम डीबीटी के माध्यम से गोआश्रय स्थलों को किए गए भुगतान के अतिरिक्त माननीय मुख्यमंत्री सहभागिता योजना और जनपद में संचालित गोआश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरों की स्थिति की बृहद समीक्षा की गई। इस अवसर पर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट आयुष सैनी, प्रभारी सीवीओ डॉ नीरज चौधरी, उपायुक्त शिखर श्रीवास्तव, डीपीआरओ डॉ0 बालगोविंद श्रीवास्तव, डीसी एनआरएलएम सुनील कुमार सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी नगर निगम डॉक्टर राघवेंद्र सहित समस्त वीओ, खण्ड विकास अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा
