झांसी। न्यायालय विशेष न्यायाधीश पोस्को एक्ट मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी की अदालत ने दो अलग अलग मामलों में आरोपियों को जमानत देने से इंकार कर उनका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। न्यायालय ने एक प्राण घातक हमला करने तथा दूसरा बलात्कार करने के आरोपियों की जमानत प्रार्थना पत्र खारिज किया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रही एडीजीसी प्रीति चतुर्वेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि तालाब पुरा निवासी प्रतिपाल ने थाना बबीना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 14 मार्च 2026 को विपक्षी उदय वीर उर्फ छोटू, उसका पुत्र भान प्रताप सिंह, कौशल पहलवान ने एक राय होकर हाथों में लाठी डंडा, कुल्हाड़ी और हॉकी से उस पर जान लेवा हमला कर दिया। बीच बचाव करने आए उसके पुत्र पर कुल्हाड़ी से प्राण घातक हमला कर दिया। जिसमें उसके पुत्र के सर में गंभीर चोट आ गई। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को जेल भेज दिया था। आज न्यायालय में एक आरोपी उदय वीर की और से जमानत याचिका प्रस्तुत की गई। जिसकी सुनवाई के बाद न्यायालय ने उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। वही दूसरे मामले में एडीजीसी प्रीति चतुर्वेदी ने पैरवी करते हुए बताया कि एक व्यक्ति ने दो अप्रैल 2026 को थाना उलदन में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि ग्राम निमौनी निवासी ठाकुर दास उसकी नाबालिग पुत्री को बहला फुसला कर भगा ले गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आज इस आरोपी की और से भी न्यायालय में जमानत याचिका प्रस्तुत की गई। न्यायालय ने सुनवाई के बाद दोनों आरोपियों का अपराध गंभीर होने पर दोनों को जमानत देने से इनकार कर उनका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

