झांसी। न्यायालय विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जाति अत्याचार निवारण झांसी नेत्रपाल सिंह की अदालत ने विकास होटल के रिसेप्शनिस्ट का अपहरण कर फिरौती मांगने के आरोपी महिला को जमानत देने से इंकार करते हुए उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।
अभियोजन की और से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता केशवेंद्र प्रताप सिंह एवं कपिल करोलिया ने जानकारी देते हुए बताया कि किशन लाल श्रीवास ने नवाबाद थाना में 19 मई 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि उसका पुत्र भरत श्रीवास जेल चौराहा स्थित विकास होटल में रिसेप्शनिस्ट के पद पर कार्य करता है, जिसका मध्यप्रदेश के जिला निवाड़ी कंचनपुर निवासी रोहिणी सूत्रकार, उसके पति रोहित पुरोहित, बृजेंद्र दुबे ने अपहरण कर लिया और परिजनों को फोन कर उसे छोड़ने के एवज में 32 हजार रुपया दे दो और अपने पुत्र को ले जाओ। अगर रुपए नहीं मिले तो भरत की हत्या कर देंगे। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से अपहृत भरत को सकुशल बरामद कर अपहरण कर्ताओं को जेल भेज दिया था। आज अपहरण कर्ताओं में शामिल महिला रोहिणी सूत्रकार की और से जमानत प्रार्थना पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। जिसकी सुनवाई के बाद न्यायालय ने उसे जमानत देने इनकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। अभियुक्तों को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

