झांसी। न्यायालय विशेष न्यायाधीश पोस्को एक्ट मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी की अदालत ने दो अलग अलग मामलों में सुनवाई करते हुए मासूम बालिका से दुष्कर्म करने वाले आरोपी तथा दूसरे मामले में किशोरी से अश्लीलता करने वाले आरोपियों को जमानत देने से इनकार कर उनका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। अभियुक्तों को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा।
अभियोजन की और से पैरवी कर रही एडीजीसी प्रीति चतुर्वेदी ने जानकारी देते हुए बताया कि एक व्यक्ति ने टहरौली थाना में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि 13 जुलाई 2026 को सुबह करीब ग्यारह बजे उसकी मासूम बालिका घर के बाहर खेल रही थी। तभी टहरौली के खोह गांव निवासी एक किशोर उसकी पुत्री को अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म करने का प्रयास करने लगा तभी बालिका के चीखने चिल्लाने पर आस पास के लोग और परिजन मौके पर पहुंच गए तो आरोपी किशोर जान से मारने की धमकी देकर भाग गया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था। वही दूसरे मामले में अभियोजन की और से पैरवी कर रहे विशेष शासकीय अधिवक्ता विजय सिंह कुशवाह ने जानकारी देते हुए बताया कि 28 फरवरी 2026 को थाना शहर कोतवाली में एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि वह और उसकी पत्नी काम करने गए थे शाम को जब घर पहुंचे तो उसकी पुत्री किशोरी घर पर नहीं मिली। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर किशोरी को बरामद करते हुए उसके बयान के आधार पर आरोपी पूछ क्षेत्र के ग्राम पनारी निवासी संजय वर्मा के खिलाफ अश्लील हरकत और पोस्को की धारा की बढ़ोत्तरी करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आज न्यायालय में दोनों आरोपियों के जमानत आवेदन प्रस्तुत किए गए। जिसकी सुनवाई के बाद न्यायालय ने दोनों को जमानत देने से इंकार कर जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। अभियुक्तों को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

