Home Uncategorized झांसी महायोजना-2031: पार्कों की जमीन पर जनता के साथ बड़ा धोखा? अभिलेख...

झांसी महायोजना-2031: पार्कों की जमीन पर जनता के साथ बड़ा धोखा? अभिलेख नहीं मिले तो न्यायालय का दरवाजा खटखटाएगी भारतीय प्रजाशक्ति पार्टी

41
0

 

झांसी। भारतीय प्रजाशक्ति पार्टी (BPSP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज रावत ने झांसी महायोजना-2031 में पार्क एवं खुले स्थानों की भूमि के आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन के मामले में मंडलायुक्त को अनुस्मारक पत्र सौंपकर शीघ्र अभिलेख सार्वजनिक करने की मांग की है।

पंकज रावत ने बताया कि इस संबंध में मंडलायुक्त को 15 मई 2026, 5 जून 2026 तथा 3 जुलाई 2026 को भी पत्र दिए जा चुके हैं, लेकिन अब तक इन शिकायतों को न तो पोर्टल पर दर्ज किया गया है और न ही भू उपयोग परिवर्तन के संबंध कोई जानकारी या अभिलेख उपलब्ध कराएं गए है।

उन्होंने कहा कि शासनादेश दिनांक 24 जून 2025 में पार्कों की 36.06 हेक्टेयर भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन का उल्लेख है, जबकि समाचार पत्रों में प्रकाशित महायोजना-2031 संबंधी समाचारों में 237.27 हेक्टेयर पार्क एवं खुले स्थानों की भूमि को आवासीय भू-उपयोग में परिवर्तित किए जाने का उल्लेख किया गया है। इन विरोधाभासी तथ्यों के कारण प्रभावित नागरिकों में भ्रम और भविष्य को लेकर चिंता और भय का माहौल बना हुआ है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि पूर्व में मंडलायुक्त द्वारा संबंधित पॉलीगन, क्षेत्रवार मानचित्र, खसरा विवरण एवं अन्य अभिलेख उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक यह जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। भारतीय प्रजाशक्ति पार्टी ने मांग की है कि भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित सभी अभिलेख सार्वजनिक किए जाएं, जिससे प्रशासनिक पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके और आमजन के बीच व्याप्त भ्रम दूर हो।

इस बीच, जेडीए के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि पार्कों की भूमि पर कॉलोनियां विकसित करने वालों को बचाने के लिए पार्कों की भूमि को आवासीय में बदलने की झूठी खबर उड़कर जनता के साथ बड़ा छल किया गया है। उक्त अधिकारी आगे बताया कि शासन स्तर से लगातार अवैध निर्माणों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश जारी हो रहे हैं और भविष्य में पार्कों की भूमि पर बने अवैध निर्माणों के विरुद्ध ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हो सकती है।

पंकज रावत ने कहा कि यदि प्रशासन के पास सभी तथ्य स्पष्ट हैं, तो बार-बार पत्र देने के बावजूद जानकारी उपलब्ध न कराना कई सवाल खड़े करता है। उनके अनुसार सूचना न दिए जाने से उक्त अधिकारी के दावे को बल मिलता है और ऐसा प्रतीत होता है कि प्रभावित नागरिकों के साथ गंभीर स्तर पर धोखा हुआ है। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर सभी अभिलेख सार्वजनिक करने तथा दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

पंकज रावत ने चेतावनी दी कि यदि झांसी महायोजना-2031 में पार्क एवं खुले स्थानों की भूमि के भू-उपयोग परिवर्तन से संबंधित अभिलेख, मानचित्र, खसरा विवरण एवं अन्य आवश्यक जानकारी शीघ्र उपलब्ध नहीं कराई गई, तो जनहित एवं प्रभावित नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए सक्षम न्यायालय में याचिका दायर की जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक पारदर्शिता और कानून के शासन को सुनिश्चित करने के लिए न्यायालय का दरवाजा खटखटाना अंतिम विकल्प होगा।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here