झांसी। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश पोस्को एक्ट झांसी महोम्मद नेयाज अहमद अंसारी की अदालत ने किसान और उसकी पत्नी को फांसी लगाकर आत्महत्या करने के लिए उकसाने वाले आरोपी को जमानत देने से इनकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। अभियुक्त को अभी जेल में ही रहना पड़ेगा।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे विशेष शासकीय अधिवक्ता विजय सिंह कुशवाह ने जानकारी देते हुए बताया कि अंकित गुर्जर ने 27 दिसंबर 2024 को पूछ थाना में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि उसके पिता ने जमीन का आधा हिस्सा वर्ष 2004 में गांव के रहने वाले शत्रुघ्न पाल, गयादीन आदि को बेचा था। लेकिन उसके बाद से ही लगातार विपक्षी उसके पिता को और जमीन बेचने के लिए दबाव बना रहे थे। पिता द्वारा मना करने पर उन्होंने उत्पीड़न करना शुरू कर दिया था। उसने आरोप लगाया कि घटना वाले दिन शत्रुघ्न और उसके साथियों ने उसके पिता को धमकी दी कि यदि जमीन हमको नहीं बेची तो तुझे और तेरे परिवार को खत्म कर देंगे। इनकी धमकियों से घटबराकर उसके पिता शिव प्रसाद व मां रामू राजा ने क्षुब्ध होकर खेत पर पेड़ से रस्सी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली, और उनकी जेब से शत्रुघ्न व अन्य लोगों द्वारा आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप लगा सुसाइट नोट मिला। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करते हुए विवेचना कर आरोपी शत्रुघ्न को 6 जुलाई 2026 को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आज आरोपी की और से न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। जिसकी सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी को जमानत देने से इंकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है। अभियुक्त को अभी जेल में ही समय बिताना पड़ेगा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

