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फर्जी रिमांड बनाकर हाईकोर्ट में मिथ्या बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट दाखिल करने के आरोप में लिपिक, अधिवक्ता समेत आधा दर्जन के खिलाफ एफआईआर

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झांसी/ललितपुर रंगदारी, मारपीट, धोखाधड़ी के आरोप में जिला ललितपुर की जेल में बंद शातिर अपराधी का बिना मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर किए फर्जी कूट रचित रिमांड बनाकर हाईकोर्ट में मिथ्या बंदी प्रत्यक्षिकरण रिट दाखिल कर न्यायालय को गुमराह करने के आरोप में जिला ललितपुर कोतवाली पुलिस ने अधिवक्ता, कोर्ट मुहर्रिर, लिपिक, जेल निरुद्ध अपराधी और उसके अधिवक्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

ललितपुर जिला न्यायालय में तैनात प्रशासनिक अधिकारी जितेंद्र कुमार शर्मा ने थाना तालबेहट थाना कोतवाली से जिला जालौन के सिरसा कलार निवासी जितेंद्र निरंजन को मारपीट, रंगदारी, धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। जिसमें उसे तीन मई को अवकाश होने पर रिमांड मैजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। जहां उसे 14 दिन रिमांड पर जेल भेजने की आदेश हुए। इसके बाद आरोपी की और से हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षिकरण रिट दाखिल की गई। हाईकोर्ट द्वारा जबाव मांगने पर जिला ललितपुर न्यायाधीश और पुलिस प्रशासन द्वारा उसके दस्तावेजों की जांच पड़ताल की गई तो पाया गया कि जब आरोपी को रिमांड मैजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया था तो उसे रिमांड न बनाकर न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश हुए थे। जिसे कोर्ट मुहर्रिर फर्जी मजिस्ट्रेट के हस्ताक्षर कर उसे रिमांड बना दिया। इसके बाद अभियुक्त के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में फर्जी रिमांड शीट, मिथ्या साक्ष्य प्रस्तुत कर बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट दाखिल कर दी। आरोप लगाया गया कि अभियुक्त जितेंद्र सिंह, उसके अधिवक्ता अखिलेश राय, कोर्ट मुहर्रिर पंकज, उमेश, लिपिक भूपेंद्र साहू, मनोज जोशी, अनुपम वर्मा ने अभियुक्त को लाभ देने के लिए षड्यंत्र के तहत फर्जी रिमांड शीट तैयार कर हाईकोर्ट में मिथ्या दस्तावेज, साक्ष्य प्रस्तुत कर गुमराह किया है। सभी के विरुद्ध अभियोग पंजीकृत कर कार्यवाही की जाए। ललितपुर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ 18 जुलाई को अभियोग पंजीकृत कर कार्यशी शुरू कर दी है।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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