
झांसी। राजकीय रेलवे पुलिस, अनुभागीय क्यूआरटी टीम और आरपीएफ की क्राइम विंग की संयुक्त टीम ने एसी कोचों में आरक्षण कराकर रेलयात्रियों का सामान चोरी करने वाली बिहारी गैंग के मास्टर माइंड को गिरफ्तार कर लिया। इस पर 25 हजार का इनाम है। इसी गैंग के तीन सदस्य पहले गिरफ्तार कर जेल जा चुके हैं। गिरफ्तार किए गए मास्टर माइंड के पास से पांच लाख साठ हजार से अधिक का माल बरामद किया है। इसकी गैंग सात राज्यों से गुजरने वाली ट्रेनों में चोरी की वारदातों को अंजाम देता है। गिरफ्तार किए गए आरोपी को अदालत में पेश किया। यहां से उसे जेल भेजा गया।
पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी, पुलिस महानिरीक्षक रेलवे प्रयागराज एन. कोलांची के निर्देशन व पुलिस अधीक्षक रेलवे विपुल कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में एसी कोचों में चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाली गैंग की तलाश के लिए राजकीय रेलवे पुलिस, अनुभागीय क्यूआरटी टीम और आरपीएफ की क्राइम विंग की संयुक्त टीम गठित की गई है। यह टीम रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर अपराधियों की धरपकड़ कर रही थी, तभी सूचना मिली कि रेलवे स्टेशन झांसी के प्लेटफार्म न0 1/7 पर दिल्ली इण्ड की तरफ बने रोलिंग परीक्षण हट के आगे बने पंपिग सेट के पास एक क्रिमिनल खड़ा है। इस सूचना पर सीओ जीआरपी सलीम खान के पर्यवेक्षण में टीम ने छापेमार की कार्रवाई की। इस कार्रवाई के दौरान क्रिमिनल को पकड़ लिया।
रेलवे पुलिस के मुताबिक बिहार के जिला बेगूसराय के थाना बरौनी के पपरौन वार्ड नंबर तीन व हाल पता गाजियाबाद के थाना लोनी के गली नंबर 18 बेहटा रेलवे स्टेशन के पास रहने वाले ‘गौरव पाठक उर्फ मुकेश उर्फ लला को गिरफ्तार कर लिया। यह आरोपी झांसी जीआरपी में अनिकेत बमबम महतो द्वारा दर्ज मामले में वांछित चल रहा था। इस पर 25 हजार का इनाम है। गौरव पाठक बिहारी गैंग का मास्टर माइंड है। इसी गैंग के तीन सदस्य प्रशांत, रवि पासवान और करम पुद्दार पहले गिरफ्तार कर जेल जा चुके हैं। इसके पास से एक अदद मोबाईल फोन (आई फोन), एक अदद लेडीज हैण्ड बैग, जिसमें 5140 रूपये नगदी, एक जोड़ी कान की बाली, एक जोड़ी पायल, एक अदद बैग छोटा, एक जोडी कान की बाली, एक जोडी पायल, व दो जोड़ी पैर की बिछिया बरामद किया गया। बरामद किए गए सामान की कीमत पांच लाख साठ हजार से अधिक है।
इस तरह करता है चोरी की वारदात
अभियुक्त ने बताया कि बीती रात वह ट्रेन से झांसी आ रहा था और एक सो रही महिला का लेडीज पर्स, सो रहे यात्री का बैग चोरी कर लिया था। बैग में कुछ सिक्के, पांच हजार रुपए, एक जोड़ी कान की बाली, सोने की एक माला, एक जोड़ी पायल चांदी आदि सामान रखा हुआ था। वह अपने साथी रविश पासवान, करम कुमार, प्रशान्त कुमार, बमचम व अनिकेत के साथ मिलकर चोरी कर लिया था। कई ट्रेनों में वह लोग चोरी किये थे और झांसी के जीवनशाह तिराहा स्थित एक होटल में जाकर माल का व रूपये ज्वैलरी का बटवारा किया था। बटवारे का सामान ट्राली बैग में पैक कर कोरियर से मैने भिजवाया था बाद में वह भी पुलिस ने पकड़ लिया था। उसी दिन हिस्से में मिले पैसे व कुछ ज्वेलरी मिला था। बाद में उसने सीपरी पुल के नीचे सामान छुपा दिया तथा यह आईफोन भी उसके हिस्से में ले लिया था। वह लोग मिलकर ट्रेन में सो रहे यात्रियों का ट्राली बैग व हैण्ड बैग चोरी करते हैं और इसी से अपना ऐसोआराम की जिन्दगी जीते है पूछताछ में बताया कि वह बैगूसराय व पश्चिम बंगाल आसनसोल तथा गाजियाबाद में लोनी में पर घर बनाकर रहता हूँ। उसने बताया कि उसकी गैंग ट्रेन के एसी कोच में आरक्षण कराकर चोरी की वारदातों को अंजाम देती है।
35 मुकदमा है पंजीकृत
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार, हरियाणा और छत्तीसगढ़ के जीआरपी थानों में मुकदमा पंजीकृत है। गौरव पाठक ने अपराध की दुनिया में वर्ष 2011 में कदम रखा था। बिहार के बरौनी जीआरपी पुलिस ने वर्ष 2011 में तमंचा रखने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद वह लगातार चोरी की वारदातों को अंजाम दे रहा है।
अपराध कारित करने का तरीका
चलती ट्रेनो में अपने सह साथियों के साथ सामूहिक रूप से 2AC/3AC कोचों में आरक्षण कराकर अथवा जनरल टिकट लेकर टीटी से आरक्षित सीट कराकर रात्रि के समय घूम घूम कर गहरी निद्रा में सोये हुए यात्रियों का कीमती सामान ट्राली बैग, ज्वैलरी इत्यादि चोरी करता है। इसके बाद उक्त सामान को बेचकर धन अर्जित करता है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

