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मुंबई में कला का उत्सव : कलाकार कामिनी बघेल की प्रदर्शनी “ह्यूज ऑफ वूमेनहुड” का भव्य शुभारंभ

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झांसी। मुंबई के प्रतिष्ठित जहांगीर आर्ट गैलरी में 6 अप्रैल को प्रसिद्ध कलाकार कामिनी बघेल की एकल कला प्रदर्शनी का भव्य शुभारंभ हुआ। “ह्यूज ऑफ वूमेनहुड” शीर्षक से आयोजित इस प्रदर्शनी में कलाकार ने स्त्री जीवन के विविध आयामों, भावनाओं और अंतर्मन की गहराइयों को अपने विशिष्ट शैली में अभिव्यक्त किया है।

लगभग चार दशकों से कला के क्षेत्र में सक्रिय कामिनी बघेल ने अपनी चित्रकला के माध्यम से नारी जीवन, सामाजिक यथार्थ, संवेदनाएँ और संघर्षों को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ प्रस्तुत किया है। उनकी कला में प्रतीकात्मकता, सरल आकृतियाँ और गहन भावनात्मक अभिव्यक्ति प्रमुख रूप से दिखाई देती है।

इस प्रदर्शनी में प्रदर्शित कृतियों में स्त्री के विभिन्न रूप—मौन, शक्ति, करुणा, और आत्मबल—को दर्शाया गया है। उनके चित्रों में चिड़िया, हिरण, पौधे और अन्य प्रतीकात्मक तत्वों के माध्यम से जीवन, स्वतंत्रता और आंतरिक विकास को दर्शाया गया है, जो दर्शकों को गहराई से जोड़ते हैं।

कामिनी बघेल की कला यात्रा केवल भारत तक सीमित नहीं रही, बल्कि उन्होंने 25 देशों में अपनी कला का प्रदर्शन किया है और देश-विदेश में अनेक एकल एवं समूह प्रदर्शनियों में भाग लिया है। वर्ष 2011 में उन्हें ‘कादम्बिनी’ पत्रिका द्वारा शीर्ष 10 महिला कलाकारों में शामिल किया गया था, जो उनके योगदान का महत्वपूर्ण प्रमाण है।

इस प्रदर्शनी के माध्यम से कलाकार ने एक बार फिर यह सिद्ध किया है कि कला केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि समाज और संवेदनाओं को जोड़ने वाला एक सशक्त सेतु है।

इस अवसर पर ज्येष्ठ चित्रकार प्रकाश भिसे मुख्य अतिथि रहे। साथ ही राम अवस्थी, डॉ. श्री शिरीष आंबेकर, विनोद दांडगे (संचालक, कला शिक्षण मंडल, महाराष्ट्र राज्य), प्रा. शशिकांत काकडे (कुलसचिव, डिनोवा यूनिवर्सिटी), चित्रकार तुषार शिंदे, प्रा. निलेश पालव, चित्रकार सोनाली अय्यर, चित्रकार मिलिंद ठाकूर, चित्रकार रमेश पाचपांडे, नीता देसाई,शुभ्रा गुप्ता एवं बॉलीवुड कलाकार अशोक कुमार सरोज,ब्रजेश मौर्या एवं सिमरन कौर की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कला प्रेमियों और दर्शकों के लिए यह प्रदर्शनी एक विशेष अनुभव है, जो स्त्री जीवन के विभिन्न रंगों और भावों को गहराई से समझने का अवसर प्रदान करती है।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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