झांसी। झांसी के बाइस वर्ष पूर्व हुई सबसे बड़ी डकैती कांड की घटना का आज फैसला आ गया। न्यायालय ने सभी आरोपियों को कठोर कारावास की सजा के साथ अर्थदंड भी लगाया। 22 साल पहले हथियारों से लैस होकर घर डकैती डालकर 48 तौला सोना, छ किलो चांदी ओर दो लाख की नकदी लूटकांड की घटना का आरोप सिद्ध न्यायालय विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित झांसी नेत्रपाल सिंह की अदालत ने चौदह चौदह वर्ष का कारावास ओर एक एक लाख रुपए अर्थदंड से दंडित करने का आदेश सुनाया है।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे विशेष शासकीय अधिवक्ता विपिन कुमार मिश्रा ने जानकारी देते हुए बताया कि कुरैचा नाका निवासी वीरेंद्र साहू ने मऊरानीपुर थाना में 11 मई 2004 को रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि वह अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद था। तभी शाम करीब सात बजे मऊरानीपुर निवासी लकी उर्फ मनीष, रजनीश दुबे, संदीप मेहतर, विनोद राय हाथों में हथियार लेकर उसके घर में घुस आए ओर उसे व परिजनों के साथ मारपीट कर घर की अलमारियों में रखा 48 तौला सोना, छ किलो चांदी के जेवरात, दो लाख की नकदी लूट ली। विरोध करने पर आरोपियों ने बंदूकों की बटों से मारपीट कर हवाई फायरिंग करते हुए दहशत फैला कर भाग गए थे। पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर माल बरामदगी करते हुए सभी को जेल भेजकर 28 जुलाई 2004 को न्यायलय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। इस मामले की सुनवाई कर रही न्यायालय में आरोपियों पर आज आरोप सिद्ध हो गया। न्यायालय ने आरोपी मनीष मुदगिल, रजनीश दुबे, विनोद राय, संदीप मेहतर को 14=14 साल का कठोर कारावास ओर एक एक लाख रुपए अर्थदंड से दंडित किया है। आपको बता दे कि इस डकैती कांड की घटना अब तक कि जनपद की सबसे बड़ी डकैतीकांड की घटना थी।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

