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असंतोषजनक प्रगति वाले बैंकों के विरुद्ध शासन को पत्र लिखने के दिए निर्देश मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम-युवा) योजना में पीएनबी,एसबीआई, बैंक ऑफ इंडिया और इंडियन बैंक की रुचि कम, लगाई फटकार बैंकर्स Priority Sector ( प्राथमिकता वाले क्षेत्र) पर अधिक फोकस करें : जिलाधिकारी 

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झांसी। नवीन सभागार कलेक्ट्रेट में बैंकों की जिला स्तरीय समीक्षा समिति एवं जिला सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने कहा कि बैंकर्स प्रदेश सहित जनपद के विकास में शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करें। केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में पूर्ण अपना सहयोग दें। उन्होंने सरकार द्वारा आमजन के लिए संचालित लाभहित योजनाओं में बरती जा रही शिथिलता पर नाराजगी व्यक्त की और योजनाओं में बैंकों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए फटकार लगाई, उन्होंने बैंक अधिकारियों को किसानों/आमजन व लाभार्थियों के प्रति संवेदनशील होकर कार्य करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने बैंकर्स द्वारा शासन द्वारा संचालित विभिन्न लाभकारी योजनाओं के आवेदनों को अनावश्यक रूप से निरस्त करने पर कठोर आपत्ति व्यक्त करते हुए कमेटी गठित करने के निर्देश दिए, कमेटी विभिन्न बैंकों में प्राप्त आवेदन पत्रों के निरस्त किए जाने की गंभीरता से जांच करेगी और यदि अनावश्यक रूप से आवेदन पत्र को निरस्त किया जाता है, तो कार्रवाई कि संसुति शासन को करेगी। समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने उपस्थित बैंकर्स को ताकीद करते हुए कहा की आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने पर भी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने 50% से कम सीडी रेशियो वाली बैंक जिसमें पंजाब नेशनल बैंक,सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक सहित 10 बैंक शामिल हैं, सभी को फटकार लगाते हुए अपने सीडी रेशियो में सुधार लाए जाने के निर्देश दिए, उन्होंने एक्शन प्लान तैयार कर उसे क्रियान्वित करने का सुझाव दिया। उन्होंने ताकीद करते हुए कहा कि ऐसे बैंक जहाँ सीडी रेशियो में सुधार नहीं होता है तो कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।

जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने बैंकों को अपना सीडी रेशियो बढ़ाए जाने के लिए ( Priority Sector ) प्राथमिकता वाले क्षेत्र पर फोकस करने का सुझाव दिया और कैम्प आयोजित कर ऋण वितरण में तेजी लाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने इंडियन बैंक, यूनियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, लीड बैंक पीएनबी सहित अन्य बैंकों को सरकारी योजनाओं के अंतर्गत लाभार्थियों को ऋण न देने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए लोन वाली स्कीम में रुचि लेने के निर्देश दिए।

आज बैठक में जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम-युवा) योजना में पीएनबी, एसबीआई, सेंट्रल बैंक एंव इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया बैंक के फिसड्डी होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने नाम लेते हुए पंजाब नेशनल बैंक 894, बैंक ऑफ इंडिया 214,सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया 199, एचडीएफसी 124, यूपी ग्रामीण बैंक 412, बैंक ऑफ़ इंडिया 214, इंडियन बैंक 201, सहित 19 बैंकों द्वारा 3794 आवेदन निरस्त करने पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए गठित कमेटी द्वारा जांच कर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन सभी बैंकों को ताकीद करते हुए कहा कि आवेदनों पर पुनः विचार करते हुए स्वीकृति प्रदान कर वितरण करना सुनिश्चित किया जाए। लंबित रखने की स्थिति को किसी भी दशा में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

डीएलआरसी की बैठक में जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने स्वयं सहायता समूह के सीसीएल

रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए बैंकर्स को अपनी कार्य पद्धति में सुधार लाए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंकों द्वारा 1051 सीसीएल फाइल लंबित रहने पर नाराजगी व्यक्त की, सबसे अधिक सीसीएल फाइल 404 लीड बैंक पीएनबी में, 251 प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक में,216 स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में,141 बैंक ऑफ़ इंडिया में सीसीएल फाइल लंबित हैं। उन्होंने ब्लाक स्तर पर कैंप आयोजित कर सभी आवेदनों का निस्तारण करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी मृदुल चौधरी ने बैठक में उपस्थित सभी बैंकों के डीसी से कहा कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान,मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना, एक जनपद एक उत्पाद, वित्त पोषण हेतु सहायता योजना में प्रेषित आवेदनों के निरस्तीकरण के कारण की क्या वजह है उसकी जानकारी आवेदनकर्ता को भी उपलब्ध कराए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा की निरस्तीकरण अधिक होने पर यह माना जाएगा कि बैंक अधिकारियों ने कार्य में रुचि नहीं ली। उन्होंने कहा कि युवाओं को स्वावलंबी बनाने के लिए बैंकों को योजना अंतर्गत ऋण आवेदनों की स्वीकृति प्रदान कर वितरण भी सुनिश्चित करना होगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि बुंदेलखंड में रोजगार के अधिक अवसर है, इस स्थिति में युवाओं को स्वावलंबी बनाने व स्वरोजगार लगाने में सभी बैंक अधिकारी सहयोग करते हुए उन्हें ऋण उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि युवा देश का भविष्य है, उसकी तरक्की देश की तरक्की है। उन्होंने बैठक के दौरान बैंकों के कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रगति से असंतुष्ट होने पर खराब प्रदर्शन करने वाले बैंकों को समय से सुधार लाए जाने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने बैठक में ओडीओपी योजना अंतर्गत बैंकों में भेजे गए आवेदनों की समीक्षा करते हुए लंबित आवेदनों को तत्काल निस्तारित करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्यमंत्री माटीकला रोजगार के अंतर्गत बैंकवार समीक्षा करते हुए बैंकों में प्रेषित आवेदनों को तत्काल स्वीकृत करते हुए वितरण कराया जाना सुनिश्चित किया जाए।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी जुनैद अहमद, एलडीओ आरबीआई विशाल यादव, डीसी एनआरएलएम सुनील कुमार सिंह, सहायक आयुक्त उद्योग श्रीमती प्रज्ञा वर्मा,अग्रणी बैंक प्रबंधक पीएनबी अजय कुमार शर्मा, डीडीएम नाबार्ड भूपेश पाल, सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी व बैंकों से आए बैंक अधिकारी/प्रतिनिधि आदि उपस्थित रहे।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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