
झांसी। घटना की सत्यता जानने के लिए विसरा पिंजर्व किया जाता है। जिसका कुछ अंश जांच के लिए भेजा जाता है, बाकी माल मुकदमती के चलते थानों में रखा जाता है, लेकिन थानों में गैर जिम्मेदार तरीके से विसरा कही बाथरूम में या नालियों में पड़ा पड़ा सड़ता रहता है। थानों में तैनात पुलिस कर्मियों को यह भी जानकारी नहीं की विसरा जो थाने में पड़ा है उसकी जांच रिपोर्ट आ गई या उसके मुकदमा का डिस्पोजल हो गया। कुछ भी हो लेकिन विसरा थाना स्तर की लापरवाही के चलते विसरा का डिस्पोजल नहीं हुआ। विसरा कही थाने के बाथरूम में या नालियों में पड़ा सड़ रहा जिसके चलते दुर्गंध फैल रही है। यह गैर जिम्मेदारान रवैया थाना प्रेमनगर में देखने को मिला। जहां दर्जनों की तादाद में विसरा पॉलीथिन में बंधा हुआ शौचालयों में ओर नालियों में पड़ा है। यही नहीं विसरा भी पूरी तरह सड़ कर दुर्गंध फैला रहा है। लेकिन उसका नाश्तिकरण नहीं किया गया ओर न ही उसे सुरक्षित स्थान पर सुरक्षित रखा गया है। यह गैर जिम्मेदार रवैया के चलते विसरा की दुर्गंध थाना परिसर तक में फैलती है। अभी तक थाना में किसी ने यह भी जांच पड़ताल नहीं की कि जिस विसरा को शौचालय ओर नालियों में फैंका गया है उसका अभी मुकदमे का न्यायालय से निस्तारण हुआ भी है या फिर मुकदमा अभी विचाराधीन है। फिलहाल इस तरह की लापरवाही कही न कही मुकदमे में भी उलझन तो पैदा करती ही है साथ ही थाना परिसर में दुर्गंध फैला रहा है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

