झाँसी न्यूज़

प्रेमिका और उसके तीन वर्षीय मासूम बच्चे की हत्या कर शव जलाने वाले आरोपी को नहीं मिली राहत, जमानत खारिज, जेल में ही रहना पड़ेगा अभियुक्त

झांसी। अपनी प्रेमिका को गांव ले जाकर करीब पांच माह पूर्व उसकी व उसके तीन वर्षीय मासूम पुत्र की हत्या कर शव को जलाने वाले अभियुक्त को न्यायालय सत्र न्यायाधीश कमलेश कच्छल की अदालत ने जमानत देने से इंकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। अभियुक्त को अभी जेल में ही समय बिताना पड़ेगा।अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी क्राइम मृदुलकांत श्रीवास्तव ने जानकारी देते हुए बताया कि लहचूरा थाना पुलिस को 8 अप्रैल 2026 को ग्राम बरैठा में एक महिला का शव मिला था पास में ही भूसे के ढेर में एक तीन वर्षीय बच्चे का शव जला हुआ मिला था। इस संबंध में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर मृतक महिला और बच्चे की शिनाख्त कराने का प्रयास किया। इसी दौरान मिशन नारी शक्ति के तहत महिलाओं के शिकायत पत्रों का निस्तारण किया जा रहा था। जिसमें एक शिकायती पत्र ग्राम बरोता निवाड़ी चतुर्भुज उर्फ राजेंद्र पटेल की पत्नी हेमलता का मिला। हेमलता से वार्ता करने पर जानकारी हुई कि उसका पति से विवाद चल रहा था इसलिए वह अपने पति के खिलाफ काफी समय पहले थाना में शिकायत कर अपने मायके आ गई थी। उसे जानकारी हुई थी उसका पति गुजरात की रहने वाली महिला नीलू से अवैध संबंध हो गए और वह कुछ दिन पूर्व नीलू को और उसके तीन वर्षीय पुत्र को चतुर्भुज लेकर गांव में रह रहा था। पुलिस की शक की सुई गहरा गई, अज्ञात मिली महिला और तीन वर्षीय मासूम बच्चे की शिनाख्त गांव के किसी व्यक्ति द्वारा नहीं पहचान पाने के बाद पुलिस ने चतुर्भुज के मोबाइल सीडीआर को खंगाला। जिससे यह स्पष्ट हुआ कि घटना पर चतुर्भुज की उपस्थिति थी। पुलिस ने शक के आधार पर चतुर्भुज को हिरासत में लेकर उक्त प्रेमिका महिला और उसके पुत्र के बारे में गहराई से पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि उसी ने झगड़ा होने पर अपनी प्रेमिका नीलू और उसके बच्चे की हत्या की थी। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। आज आरोपी चतुर्भुज की और से न्यायालय में जमानत याचिका डाली गई जिसकी सुनवाई के बाद न्यायालय ने उसे जमानत देने से मना करते हुए उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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