
झांसी। बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय झाँसी में शिक्षक दिवस के अवसर पर शिक्षक दिवस समारोह-2026 का गरिमामय आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC), बुन्देलखण्ड विश्वविद्यालय, झाँसी द्वारा किया गया। समारोह का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालय के शिक्षकों की शैक्षणिक, शोध, नवाचार, प्रशासनिक एवं सामाजिक उपलब्धियों को सम्मानित करना तथा उनके उत्कृष्ट योगदान को प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय की गरिमामयी उपस्थिति रही। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारी, शिक्षक एवं अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। कुलपति प्रो. मुकेश पाण्डेय ने शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को ज्ञान प्रदान करने का कार्य नहीं करते, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र के भविष्य को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय की पहचान उसके शिक्षकों की शैक्षणिक गुणवत्ता, शोध उपलब्धियों, नवाचार तथा समाज के प्रति उत्तरदायित्व से बनती है। शिक्षकों की उत्कृष्ट उपलब्धियों को सम्मानित करने से उनमें नई ऊर्जा और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए विश्वविद्यालय की शैक्षणिक एवं शोध उत्कृष्टता को निरंतर आगे बढ़ाने का आह्वान किया। इस अवसर पर IQAC निदेशक प्रो. सुनील कुमार काबिया ने कहा कि फैकल्टी अचीवमेंट एंड एक्सीलेंस अवॉर्ड्स-2026 विश्वविद्यालय के शिक्षकों की विविध उपलब्धियों को पहचान और सम्मान प्रदान करने की महत्वपूर्ण पहल है। उन्होंने कहा कि शिक्षक की उत्कृष्टता केवल शोध प्रकाशनों तक सीमित नहीं है, बल्कि नवाचार, प्रशासन, सतत विकास, सामाजिक सरोकार और समुदाय के प्रति योगदान भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा है।
उन्होंने सभी सम्मानित शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के सम्मान शिक्षकों को निरंतर उत्कृष्ट कार्य करने के लिए प्रेरित करते हैं तथा विश्वविद्यालय की अकादमिक गुणवत्ता और प्रतिष्ठा को और मजबूत बनाते हैं।
समारोह के दौरान फैकल्टी अचीवमेंट एंड एक्सीलेंस अवॉर्ड्स-2026 के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान के लिए विश्वविद्यालय के 16 शिक्षकों को सम्मानित किया गया। श्रेणी एक शोध, प्रकाशन, नवाचार एवं अकादमिक उत्कृष्टता के अंतर्गत डॉ. आनंद कुमार पाण्डेय, डॉ. धीरेन्द्र कुमार शर्मा, डॉ. प्रेम प्रकाश सिंह, डॉ. पीयूष भारद्वाज, प्रो. सुनील कुमार काबिया, डॉ. लवकुश द्विवेदी, डॉ. प्रकाश चन्द्र, डॉ. शशि आलोक, डॉ. आलोक कुमार माहोर तथा डॉ. चेतन आनंद दुबे को उनके शोध प्रकाशन, शोध प्रभाव, नवाचार एवं अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। इसी क्रम में श्रेणी द्वितीय सामाजिक, प्रशासनिक, सतत विकास एवं सामुदायिक योगदान के अंतर्गत डॉ. संतोष पाण्डेय, प्रो. काव्या दुबे, डॉ. नेहा मिश्रा, डॉ. एरा तिवारी, डॉ. ज्योति कुमारी मिश्रा तथा डॉ. प्रशान्त मिश्रा को सम्मानित किया गया। इन शिक्षकों को सतत कृषि एवं SDG, प्रशासनिक योगदान, सामाजिक प्रभाव तथा सामुदायिक सहभागिता के क्षेत्रों में उनके विशिष्ट योगदान के लिए सम्मान प्रदान किया गया। समारोह के अंत में सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी गईं। शिक्षक दिवस समारोह ने शिक्षकों के प्रति सम्मान, कृतज्ञता और उनके महत्वपूर्ण योगदान को रेखांकित करते हुए विश्वविद्यालय की शैक्षणिक उत्कृष्टता, शोध संस्कृति एवं सामाजिक प्रतिबद्धता को और सुदृढ़ करने का संदेश दिया।
इस अवसर पर डॉक्टर नूपुर गौतम, डॉ अमरजोत वर्मा, डॉ राजीव बबेले, डॉ रूपम सक्सेना, डॉ चेतन आनंद, डॉ अतुल खरे, अनिल बोहरे डॉ हितिका यादव ई. साबिर अली, श्री हेमंत चंद्रा, डॉ अनुपम व्यास, डॉ लवकुश द्विवेदी, शशांक चंद्रा दिव्यांश मिश्रा लोकेश विश्वकर्मा, जितेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

