
झांसी। एसएसपी विकास कुमार के निर्देशन में साइबर अपराध के खिलाफ झांसी पुलिस की लगातार चलाई जा रही कार्यवाही में बबीना थाना और साइबर थाना पुलिस ने आठ साइबर ठगो को गिरफ्तार कर उनके चंगुल ने बंधक बनाए गए 50 से अधिक महिला पुरुष को मुक्त कराया। पुलिस टीम ने गिरोह के कब्जे से कंप्यूटर, नकदी, जाली दस्तावेज बरामद किए है।
शनिवार को पुलिस लाइन सभागार में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान एसएसपी विकास कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि उनके पास पिछले कई दिनों से शिकायतें मिल रही थी कि एक कंपनी मैसर्स मां लक्ष्मी एसोसिएट के कार्यालय कृष्णा कॉम्प्लेक्स एल्डिको राजगढ़ मल्टी कंपनी सेंटोस में नौकरी दिलाने के नाम पर उनके परिवार के कई लोगों को बुला कर उनसे पैसे लिए और अब उन्हें बंधक बनाकर रखकर उनसे कई लोगों को चैन बना कर जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इन शिकायतों को गंभीरता से लेकर एसएसपी के निर्देशन में साइबर थाना पुलिस, बरुआ सागर थाना, बबीना थाना पुलिस ने जांच पड़ताल करते हुए छापेमार कार्यवाही की। इस दौरान 50 से अधिक बंधक बने महिला पुरुष को मुक्त कराते हुए इस गिरोह के आठ सदस्य राजस्थान के टोंक नरौली सिसोली निवासी रामसिंह मीणा, लखन मेहता, बबलू, बिहार के धर्मपुरा निवासी आलोक, राजस्थान के देवली निवासी प्रयागराज, राजमेर के टोंक निवासी मोहित वर्मा, सुरेन्द्र, नितेश को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से आठ मोबाइल फोन, 7300 रुपए, 6 डायरी, प्रमाण पत्र, केश बुक, 20 रुपए के पछाड़ से अधिक स्टैंप बरामद किए। एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह का मास्टर माइंड कोई और है विवेचना जारी है नाम गोपनीय रखा गया है। उन्होंने बताया यह गिरोह उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान के कई राज्यों में सक्रिय है, और यह चिटफंड कंपनी में अपना रजिस्ट्रैक्शन कराकर बेरोजगार युवा युवतियों को नौकरी देने का झांसा देकर उनके लाखों की रकम ऐंठ कर फिर उन्हें अन्य लोगों को गिरोह में शामिल करने के लिए बंधक बनाकर रखते थे।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

