झाँसी न्यूज़

मिड डे मिल की चैक 15 हजार को 2 लाख 15 हजार करने के आरोप में माध्यमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

झांसी। न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या 2 झांसी देवाशीष की अदालत ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय बोंडा के प्रधानाध्यापक पर लगे मिड डे मिल की चेक में घोटाले के आरोप में अग्रिम जमानत देने से इंकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।प्रधानाध्यापक पर 15 हजार की बैंक चेक को कूट रचित तरीके से दो लाख 15 हजार कर गबन करने का आरोप था।अभियोजन की और से पैरवी कर रहे एडीजीसी संजय देव शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि 10 जून 2026 को ग्राम बोंडा की ग्राम प्रधान श्रीमती सीमा सिंह ने प्रार्थना पत्र देते हुए एसएसपी को बताया था कि वह ग्राम बोंडा की ग्राम प्रधान है, उनके ग्राम पंचायत में पूर्व माध्यमिक विद्यालय आता है। स्कूल में मिड डे मिल से संबंधी सामग्री ग्लास, डिस्पोजल, आदि सामग्री की खरीददारी के लिए विद्यालय के प्रधानाचार्य मऊरानीपुर के सिंह पुरा नई बस्ती निवासी गोविंद दास का एक पत्र 6 जून 2025 को प्राप्त हुआ। जिस पर उसने पीएनबी बैंक की 15 हजार रुपए की अपने हस्ताक्षर करके उसकी एक जीरोक्स कॉपी अपने पास रखकर विद्यालय पहुंच कर प्रधानाचार्य को दी। ग्राम प्रधान ने बताया कि प्रधानाचार्य इंचार्ज ने उसे कूट रचित तरीके से दो लाख 15 हजार रुपए भरकर निकाल लिया। इब इसकी जानकारी हुई तो उसने कई बार सरकारी खजाने से निकाला गया धन राशि को वापस करने को कहा तो प्रधानाचार्य ने उसे धमकी दे डाली। ग्राम प्रधान ने बताया कि इस फर्जी बाड़े की जानकारी उसे उस समय हुई जब कार्यकाल समाप्त होने पर वह सरकारी धन खर्च का हिसाब लगा रही थी। ग्राम प्रधान ने आरोप लगाया था कि प्रधानाचार्य ने अपने पद का दुरुपयोग कर मिड डे मिल संबंधित खाने पीने की सामग्री में दो लाख से अधिक का गबन किया है। एसएसपी के आदेश पर मऊरानीपुर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया था। आज आरोपी प्रधानाचार्य गोविंद दास की ओर से न्यायालय में अग्रिम जमानत याचिका प्रस्तुत की गई। जिसकी सुनवाई के बाद न्यायालय ने उसे अग्रिम जमानत देने से इंकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया है।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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