July 12, 2024

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में हो रहा खेला दुल्हा नदारद, तो जीजा संग करा दिये फेरे, वही सरकार की निधि का दुर्पयोग करने का मामला भी प्रकाश में आया

झांसी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में बड़ा खेला नजर आया। जहां एक दुल्हन के उसके जीजा के साथ फेरे पड़वा दिए। वही दूसरी ओर एक ऐसे दंपत्ति का विवाह करवा दिया जिसकी छह मार्च को धूमधाम से घर से विवाह होना है। उन्हे भी सरकार की निधि का लाभ दिला दिया। यह बड़ा सवाल है कि जब रजिस्ट्रेशन होता है तब विभाग क्या जांच करता है। का दूल्हा ज़ब शादी के लिए नहीं पहुंचा तो योजना की धनराशि हड़पने के लिए दुल्हन के साथ आये बड़ी उम्र के उसके शादीशुदा जीजा से ही शादी कराक़र रस्म अदायगी क़र दी गयी। इसकी पोल तब खुली ज़ब शादी के तुरंत बाद दुल्हन मांग में भरा सिंदूर पोंछते नजर आई । बाद में ज़ब दूल्हा व दुल्हन से अलग अलग बात की गयी तो उन्होंने इस बात को स्वीकार किया। दुल्हन के जीजा तथा कथित दूल्हे ने बताया की दुल्हन का जोड़ा नही आया था इस पर किसी अधिकारी के कहने पर वह दुल्हा बनकर बैठ गया था। वहीं समाज कल्याण अधिकारी ललिता यादव ने कहा कि मामला संज्ञान में आया है, जाँच कराई जायेगी। वही इस विवाह योजना में खेला ही नजर आ रहा। सामूहिक विवाह समारोह में शादी करने पर मिलने वाली सरकारी निधि का दुर्पयोग भी हो रहा। जहां एक दंपत्ति का विवाह 6 मार्च को धूमधाम से दोनो पक्ष कर रहे उन्होंने भी इस विवाह समारोह में अपना रजिस्ट्रेशन कराकर विवाह कर लिया। अब उनका दूसरा विवाह चिरगांव में छह मार्च को होगा। सूत्र बताते है की इस दंपत्ति का विवाह भी विभाग से जुड़े लोगों ने सहयोग कर करवाया और सरकार की निधि भी दिलवाई। क्या यह सरकार की निधि का दुर्पयोग नही। यह विवाह निर्धन परिवार के लोगों को लाभ देने के लिए योजना चलाई जा रही है। जो स्वयं अपने खर्चे पर विवाह समारोह आयोजित नही करा पा रहे है। बताते है खबर चलने के बाद विभागीय अधिकारियों ने जांच करने की बात कहकर ग्राम बामोर की और दौड़ लगा दी। बताया जा रहा है की जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कार्यवाही की जाएगी। बता दें कि पॉलिटेक्निक मैदान पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन किया गया था। समारोह में आये एक जोड़े पर नजर पड़ी तो मामला कुछ संदिग्ध दिखाई दिया। तहकीकात में पता चला कि झाँसी के बामोर निवासी ख़ुशी की शादी छतरपुर मध्यप्रदेश के बृषभान के साथ तय हुई थी और समारोह में उनका रजिस्ट्रेशन नंबर 36 था। ख़ुशी ने फेरे लेते ही मांग से सिंदूर व बिंदी पोंछ डाली। वही दूल्हे बृषभान से ज़ब बात की गयी तो उसने कबूल किया कि असल में उसका नाम दिनेश है और वह छतरपुर नहीं बल्कि बामोर का ही रहने वाला है। उसने बताया कि बृषभान से शादी होनी थी लेकिन वह नहीं आया तो विभाग के ही कुछ लोगों के कहने पर वह बृषभान की जगह दूल्हा बन गया। उसने यह भी बताया कि वह पहले से शादीशुदा है और ख़ुशी का रिश्ते में जीजा लगता है। बताया गया कि यह सब खेल सरकार द्वारा दी जा रही धनराशि हड़पने के लिए किया गया था। सूत्र बताते है की इस खिला के बंदर बांट में कुछ विभागीय लोग भी शामिल है।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा