April 15, 2024

संत रविदास के 647वें प्राकट्योत्सव पर सामूहिक विवाह एवं विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन

झाँसी। महामानव मिशन समिति एवं समस्त ग्रामवासी खजराहा बुजुर्ग के तत्वाधान में माघी पूर्णिमा पर सतगुरु रविदेव के 647वें उत्सव के शुभ मुहुर्त पर 10 कन्याओ का 5 दिवसीय सामूहिक विवाह मेला महोत्सव का आयोजन हो रहा है। जिसका प्रारंभ दिव्य ज्योति शोभायात्रा के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जनपद के प्रतिष्ठित समाजसेवी डॉ० संदीप सरावगी उपस्थित रहे आयोजक मंडल द्वारा माल्यार्पण कर डॉ संदीप का स्वागत कर मंचासीन किया गया। बौद्ध भिक्षुओं द्वारा विद्यवत पूजन के पश्चात यात्रा का शुभारंभ हुआ। प्रातः 8 बजे से भगवान बुद्ध वंदना प्रिशरण पंचशील, 10 बजे से उपासक-उपासिकाओं को धम्म दीक्षा तत्पश्चात धम्म भिक्षुओं का भोजनदान कार्यक्रम रखा गया, शाम 5 बजे बौद्धगाथा वाचन हुआ जिसमें गायक के रूप में मुरैना की अंजली बीद्र उपस्थिति रहीं। 28 फरवरी को सामूहिक विवाह के साथ इस महोत्सव का समापन होगा कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित डॉ० संदीप सरावगी ने कहा संत रविदास भारत के एक महान संत, समाज-सुधारक, कवि और ईश्वर के अनुयायी थे। वह संत परंपरा के एक चमकते नेतृत्वकर्ता थे, उनकी ईश्वर में असीम आस्था थी। उन्होंने समाज कल्याण के लिए कई आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश दिये। उनकी प्रसिद्ध कहावत मन चंगा तो कठौती में गंगा यह दर्शाती है कि हम स्वच्छ मन से कोई भी कार्य करेंगे तो उसमें सफलता पाना संभव नहीं है मात्र हमारी नियत साफ होनी चाहिए। हमारे देश में कई जातियां हैं और लगभग सभी जातियों में महापुरुषों ने जन्म लिए हैं जिन्होंने समाज को नई दिशा और दशा दी। यह इस बात का प्रमाण है की प्राचीन काल में छुआछूत जैसी अवधारणा नहीं थी लेकिन बाद में इन सामाजिक कुरीतियों को आरोपित किया गया। कुछ लोगों ने अपने लाभ के लिए सामाजिक कुरीतियों फैला कर हमारे बीच बटवारा किया जिससे वे लोग अपना वर्चस्व स्थापित कर सकें लेकिन आज का युवा वर्ग इन सभी कुरीतियों को दरकिनार कर एक दूसरे के साथ कंधे से कंधा मिलाकर देश और समाज के विकास हेतु कार्य कर रहा है। जहां भी हमें इस प्रकार की कुरीतियों दिखाई दे हमें इसका पुरजोर विरोध करना चाहिये। इस भव्य आयोजन के लिए मैं आयोजक मंडल को धन्यवाद देता हूं साथ ही उनके उज्जवल भविष्य की कामना करता हूँ। इस अवसर पर संदीप नामदेव, अनुज प्रताप सिंह, राजू सेन, बसंत गुप्ता, सुशांत गेड़ा, राकेश अहिरवार, चंदन पाल, प्रमेन्द्र सिंह, नीरज सिहोते, राजीव सिंह त्रिलोक सिंह आदि उपस्थित रहे।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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