April 15, 2024

विषय भोग को त्याग परमात्मा की कृपा का सहारा लें : विवेक मिश्रा

झाँसी। भोजला स्थित बडी माता मंदिर पर चारधाम यात्रा से लौटकर आये भोजला निवासियों द्वारा आयोजित श्रीमद भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के अंतिम दिवस श्रीधाम ददरौआ सरकार से पधारे कथा व्यास विवेक महाराज ने कहा कि सांसारिक सुखों की आकांक्षा में लोग नशे में मदहोश होकर सांसारिक साम्राज्य में तो बहुत ऊंचे पहुंच गये हैं परंतु आध्यात्म,आनंद और प्रेम के साम्राज्य में आज भी हम सब बहुत पिछडे हुए हैं। उसका कारण है कि नशे में चूर होकर जीवन रुपी नौका को संसार रुपी सागर में चला रहे हैं परंतु यह हमारे जीवन की नौका विषय भोग रुपी रस्सी से सागर के किनारे बंधी हुयी है। अतः हमें चाहिए कि हम विषय भोग रुपी रस्सी को त्यागकर परमात्मा की कृपा रुपी हवा का सहारा लेकर चलायेंगे तो जीवन रुपी यह नौका संसार रुपी भव सागर सागर से अवश्य पार हो जायेगी।श्रीकृष्ण सुदामा चरित्र का मार्मिक प्रसंग सुनाते हुए उन्होंने कहा कि गुरु और मित्र से छल कपट कपट नहीं करना चाहिए अन्यथा उसका प्रारब्ध कभी न कभी भोगना ही पडता है। वे कहते हैं कि सुदामा श्रीकृष्ण के सच्चे सखा, प्रभु के अनन्य भक्त एवं परम ज्ञानी थे, उन्हें मालूम था कि पोटली में बंधे चने श्रापित हैं और श्रापित चने कन्हैया खा लेगा तो वह दरिद्र हो जाएगा यह सोचकर ही उन्होंने पूरे चने स्वयं खा लिये।इससे पूर्व उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण के 16108 विवाह, कोंड्रिय, शिशुपाल एवं जरासिंध उद्धार के साथ राजसूय यज्ञ आदि प्रसंगों का विस्तार से वर्णन किया।कथा व्यास ने सुंदर भजन “अरे द्वारपालों कन्हैया से कह दो कि दर पै सुदामा गरीब आ गया है।” सुनाये जिन्हें सुन श्रोता झूम उठे। प्रारंभ में मुख्य यजमान श्रीमती महादेवी मनोज यादव ने कथा व्यास का माल्यार्पण कर श्रीमद भागवत पुराण का पूजन कर आरती उतारी। संचालन एवं मूल पाठ राहुल तिवारी ने किया। इस मौके पर अमरदास महाराज भोजला, श्रीमती लीला घनश्याम यादव, श्रीमती किरन सुरेश यादव सहित अनेकों ग्रामवासी मौजूद रहे। अंत में मुख्य यजमान मनोज यादव ने सभी का आभार व्यक्त किया।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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