June 22, 2024

हत्यारोपी पति को नहीं मिली रिहाई, जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त

झांसी।बुलट व पांच लाख रुपए की मांग पूरी न होने पर विवाहिता की हत्या के मामले में प्रभारी जिला एवं सत्र न्यायाधीश, इन्दू द्विवेदी द्वारा हत्यारोपी पति का जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया गया।जानकारी देते हुए जिला शासकीय अधिवक्ता मृदुल कान्त श्रीवास्तव ने बताया कि वादी मुकदमा रामस्वरूप कुशवाहा ने विगत 08 सितंबर 2021 को कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसने अपनी लड़की भारती की शादी 13 मई 2021 को मयंक कुशवाहा के साथ की थी। शादी में अपनी सामर्थ के अनुसारलगभग 13 लाख रूपये , अपाचे मोटर साईकिल व अन्य सामान दान स्वरूप दिया था। शादीकी पहली विदा से ही पति मयंक कुशवाहा , सास श्रीमती राजकुमारी , ससुर परमानन्द कुशवाहा व ननद कल्पना उसकी लड़की को अतिरिक्त दहेज में पाँच लाख रूपये व बुलेट मोटरसाइकिल लाने के लिए प्रताड़ित कर मारपीट करने लगे और कहने लगे जब तक हमारी माँग पूरी नहीं हुई तो तुम्हें किसी दिन जान से मार देगें। नाते रिश्तेदारों को ले जाकर समझाया व पंचायत जोड़ी लेकिन ससुरालियों के स्वभाव में कोई परिवर्तन नहीं आया और आये दिन उसकी पुत्री भारती की मारपीट कर अतिरिक्त दहेज की माँग करते रहे। 08 सितंबर 2021 को फोन पर ससुर परमानन्द कुशवाहा ने कहा कि घर आ जाओ कुछ बात करनी है तब वह पुत्री की ससुरालपहुँचा तो पति मयंक कुशवाहा , ससुर कुशवाहा,सास व नन्द गालियाँ देते हुये बोले कि तुम्हारी लड़की को हम लोगों ने जान से मार दिया है , अपनी लड़की की लाश ले जाओ ।इतने में मयंक कुशवाहा हंसिया लेकर आया और उसे जान से मारने के लिये उसके सिर पर वार किया। उसने अपने आपको बचाया तो हंसिया उसके दाँये हाथ के अँगूठे पर लग गया जिससे अँगूठा कट गया और वह चिल्लाया तो वहाँ पर काफी लोग आ गये। उसकी पुत्री को दहेज की खातिर उन लोगों ने जान से मार दिया। रिपोर्ट पर धारा 498ए 323, 504, 506, 304बी भादं०सं० व धारा 3/4डी०पी०एक्ट के तहत थाना कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया।उक्त मामले में अभियुक्त मयंक कुशवाहा के जमानत प्रार्थनापत्र पर सुनवाई के दौरान डीजीसी द्वारा विरोध किए जाने तथा पर्याप्त आधार नहीं पाते हुए न्यायालय द्वारा जमानत प्रार्थनापत्र निरस्त कर दिया गया।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

error: Content is protected !!