May 20, 2024

इच्छाओं की सड़क तो अनंत दूर तक जाती है, बेहतर यही है कि हम आवश्यकताओं की गली में मुड़ जाए

झांसी। खुद की इच्छाओं को पूर्ण करने की सड़क पर चलोगे तो वह अनंत दूर तक जाएगी, बेहतर होगा जिन्हे आवश्यकता है, हम उन्ही गली में मुड़ जाए। कुछ यही कहते हुए उत्तर प्रदेश में पदस्थ आईपीएस सुभाष चंद्र दुबे लगातार रात्रि में और दिन में वाराणसी की सड़कों पर पैदल गस्त कर लोगों को सुरक्षा का एहसास तो कराते ही है, साथ ही जरूरत मंद लोगों की हर संभव मदद भी करते है। आईपीएस सुभाष चंद्र दुबे द्वारा किए जा रहे समाज हित, गरीबों के हित के कार्यों से वह लगातार शोशल मीडिया पर छाए हुए है।

देश ही नही विदेशों में भी इनके शोशल मीडिया के फैंस इनके सामाजिक कार्यों से लगातार शोशल मीडिया पर प्रसंता जाहिर कर खाकी का मान बढ़ा रहे है।अगर जीवन में कुछ सीखना है तो आईपीएस सुभाष चंद्र दुबे से सिखाए,कही भी किसी की भी मदद के लिए हमेशा तैयार रहते है। वाराणसी में आम तौर पर चर्चाएं हो रही की बहुत से अफसर आए और चले गए लेकिन खाकी के अंदर एक नेक दिन इंसान आईपीएस सुभाष चंद्र दुबे पहली बार देखा।

जो रात दिन सड़कों और घाटों पर पैदल गस्त कर लोगों की परेशानियां समझते है और उनकी समस्याओं का हल भी करते है। चाहे फिर वह दो वक्त की रोजी रोटी कमाने वाला चाय ठेला वाला हो, या फिर मूंगफली बेचने वाला। यही नहीं आईपीएस सुभाष दुबे देर रात सड़कों पर उन बच्चों को भी शिक्षा की ओर ध्यानाकर्षित करते है जो दिन भर भिक्षा वृति में लगे रहते है। ऐसे बच्चों को स्कूल में दाखिला से लेकर यूनिफॉर्म, पेन कॉपी किताब आदि की भी व्यवस्था कराते है। यही नहीं सड़कों पर सोने वाले हर गरीब व्यक्ति को देर रात पहुंच कर उन्हे जगाकर आईपीएस सुभाष दुबे यही पूछते क्या भूख तो नही लगी। गरीब बेसहारा मानो यह समझ उठता है क्या भगवान प्रकट हो गए।

आईएसपी की इस दिन चर्या के चलते अब गरीब और कोई बेसहारा सड़कों पर भूखा नही सोता। इनकी इसी कार्यशेली के चलते देश ही नही विदेशों में भी उनके शोशल मीडिया के फैंस लगातार खाकी का मान सम्मान बरकरार रखने वाले ऐसे आईपीएस देश के हर जिले में हो जो खुद का नही दूसरों का दुख दर्द सुन कर उनकी समस्या का निस्तारण करे। आईपीएस सुभाष चंद्र दुबे एक वह नाम है उत्तर प्रदेश पुलिस में की इन्होंने जहां पोस्टिंग रही वहां के लोगों के दिलों में जगह बनाई। भले ही जिस जिले से इन्हे गए हुए आठ दस साल गुजर जाए लेकिन इनकी कार्यशैली कानून व्यवस्था ओर सामाजिक कार्यों की लोग हमेशा तारीफ करते है और याद रखते है।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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