March 5, 2024

डॉ प्रभात ने एक बार फिर किया बुन्देलखण्ड का नाम गौरवान्वित इस वर्ष भी जनपद में सर्वाधिक आपरेशन कर प्रदेश में बनाया तीसरा स्थान

झांसी। विगत कई वर्षों से लगातार कीर्तिमान स्थापित करने वाले जिला चिकित्सालय के ख्यातिप्राप्त वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ प्रभात चौरसिया ने इस वर्ष भी जनपद में सर्वाधिक आपरेशन कर प्रदेश में तीसरा स्थान प्राप्त कर सम्पूर्ण बुन्देलखण्ड का नाम रोशन किया है। सेवा भाव से कार्य के प्रति पूर्ण समर्पित डॉ चौरसिया नेत्र रोगियों की आंखों के तारे बने हुए हैं। वर्ष 2013 से लगातार नये आयाम स्थापित करने वाले डॉ प्रभात ने इस वर्ष 2366 मोतियाबिंद के ऑपरेशन किए हैं। वर्ष 2016-17 में 4000 से अधिक आपरेशन कर प्रदेश में पहले पायदान पर पहुंचने के बाद हर वर्ष प्रदेश की सूची में उनका नाम टाप फाईव नेत्र सर्जनों में शुमार रहता है।सरल, सौम्य और मृदुभाषी स्वभाव के कारण वह खासी लोकप्रियता हासिल कर चुके हैं। उनके पास आने वाले मरीजों, तीमारदारों के अलावा कोई भी एक बार ही उनसे मिलकर मानों उनका मुरीद हो जाता है। ईश्वर के प्रति अगाध श्रद्धा रखने वाले डा प्रभात सेवा भाव को ही जीवन का आधार मानते हैं। उनके अलावा जिला चिकित्सालय में अन्य चिकित्सकों का योगदान भी कमतर नहीं है। इस वर्ष डॉ डीके राय ने 2070 आपरेशन कर प्रदेश में छठा, डॉ लक्ष्मी राजपूत भी 1784 आपरेशन कर टाप टेन में जगह बनाने में कामयाब रहे हैं , पुनर्नियोजन चिकित्सकों में डॉ रमेश चंद्रा ने 1719, वहीं संविदा पर नियुक्त डॉ गौरव सेठ 1358 आपरेशन किए हैं। तकरीबन प्रत्येक माह 1000 आपरेशन जिला चिकित्सालय में किए जा रहे हैं। जिसके चलते चिकित्सालय में रोगियों की संख्या में लगातार इजाफा होता जा रहा है। डा प्रभात चौरसिया अपनी सफलता में साथी चिकित्सकों के साथ ही नर्सेज से वार्ड बॉय तक सारे स्टाफ का योगदान बखूबी मानते हैं।उनका कहना है कि इन उपलब्धियों से उन्हें भविष्य में और भी बेहतर करने की प्रेरणा मिलती है। उनकी ऐसी ही सोच , कार्य के प्रति जोश व जज्बा जिला चिकित्सालय में बढ़ती मरीजों की संख्या के रूप में परिलक्षित होता है।जिला अस्पताल को शीघ्र मिलेगी आंखों की माइको स्कॉप नेत्र सर्जन डॉ प्रभात चौरसिया के अनुसार आंखों के ऑपरेशन की संख्या बढ़ने के साथ ही जिला अस्पताल नेत्र विभाग की सुविधाओं में गुणवत्तापूर्ण सुधार व उच्चीकरण हुआ है। ओपीडी पूरी तरह से वातानुकूलित हुई है तो वहीं ऑनलाइन एडमिशन एवं डिस्चार्ज की सुविधा आई ऑपरेशन थियेटर से शुरू हो गई है। आंखों की माइकोस्कॉप भी जल्द जिला अस्पताल को मिलने वाली है।बीमारी को नजरंदाज न कर, तत्काल लें परामर्शडॉ प्रभात का कहना है कि आंखों की बीमारियों को नजर अंदाज कतई नहीं करना चाहिए , दिक्कत होने पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए। छोटी सी लापरवाही हमारे लिए परेशानी का सबब बन सकती है, क्योंकि आंखें प्रकृति की अनमोल देन है, जिनके न होने की कल्पना मात्र से ही सिरहन दौड़ जाती है। आंखों का महत्व वही बखूबी समझ सकता है जिसकी दुनिया अंधेरी है।बदली सोच , गर्मी में भी आपरेशन कराने वालों की बढ़ी तादादडॉ प्रभात चौरसिया के अनुसार पहले गर्मी के मौसम में लोग आपरेशन कराने से कतराते थे, लेकिन अब सोच बदलती जा रही है। इस वर्ष माह अप्रैल में पड़ी भीषण गर्मी में भी जिला चिकित्सालय में अन्य वर्षों की तुलना में भारी संख्या में मरीजों ने आपरेशन कराएं है, क्योंकि सर्दी, बरसात हो या गर्मी किसी भी मौसम में आपरेशन कराने में कोई परेशानी नहीं होती है।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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