June 16, 2024

वेद प्रकाश ने समझी आधी रात को अंतिम सांस गिन रही बुजुर्ग महिला की वेदना, खाकी को एक सलाम को तो बनता है

झांसी। पुलिस का नाम सामने आते ही लोग तरह तरह की बाते करते है और खाकी को बदनाम करने में कोई कसर नही छोड़ते। लेकिन ऐसा नही खाकी का जो फर्ज है उससे हट कर भी पुलिस कर्मी मानवीय संवेदनाओं को समझते हुए कार्य कर रहे। चिरगांव थाना प्रभारी निरीक्षक का नाम जैसा नाम है वैसा उन्होंने देर रात काम भी किया। उन्होंने अस्पताल में अंतिम सांस गिन रही एक बुजुर्ग महिला की वेदना को समझा और अपने फोर्स के साथ निकल पड़े। उन्होंने वह कार्य किया जिसे हर कोई सुनकर उनकी व खाकी की तारीफ कर रहा। मामला शिवाजी नगर में रहने वाले अधिवक्ता अशोक शर्मा प्रिंस की माता जी मेडिकल कोलेज के पास एक प्राइवेट हॉस्पिटल में एडमिट है, अत्यधिक उम्र होने पर डॉक्टर भी परिजनों को बस उनकी इच्छाएं पूरी करने ओर उनकी सेवा करने की बात कह रहे है। रात करीब डेढ़ बजे अधिवक्ता की मां ने अधिवक्ता से कहा की उन्हे अपने चिरगांव के करगुवा में रहने वाले भाई वी लाल शर्मा से मिलना है। रात अधिक होने ओर कोई साधन न होने पर मोबाइल बंद होने पर अधिवक्ता ने चिरगांव थाना प्रभारी वेद प्रकाश पांडे से सरकारी नंबर पर संपर्क किया। चिरगांव थाना प्रभारी वेद प्रकाश ने अधिवक्ता और उनकी मां की पूरी स्थिति सुनने के बाद तत्काल अपने फोर्स के साथ करगुवा रवाना हुए और बुजुर्ग महिला के भाई से उनकी वीडियो कॉलिंग रात दो बजे कराई इसके बाद जब बुजुर्ग महिला ने अपने भाई से मिलने की इच्छा जाहिर की तो चिरगांव थाना प्रभारी अपने पुलिस बल के साथ उनके भाई को सुरक्षा में लेकर झांसी अस्पताल आए। अस्पताल में पुलिस को देख मरीज और तीमारदारों में हड़कंप मच गया। लेकिन जब उन्होंने पुलिस के साथ आए व्यक्ति को बैड पर भर्ती अंतिम सांस गिन रही बुजुर्ग महिला से लिपट लिपट कर रोते बिलखते देखा तो सभी की आंखे नम हो गई और मामला समझ गए। एक बुजुर्ग अंतिम सांस गिन रही महिला की अंतिम इच्छा पूरी करने उनके भाई से उन्हे मिलवाने के लिए तीस किलो मीटर कर रात दो बजे सफर तय करके आई पुलिस का सभी ने धन्यवाद दिया और जिसे यह जानकारी मिली उसने खाकी को दिल से सैल्यूट किया।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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