May 24, 2024

पेयजल आपूर्ति हेतु जिलाधिकारी बनाये गये पूर्ण अधिकार सम्पन्न

‘झांसी। मण्डलायुक्त डॉ० अजय शंकर पाण्डेय ने बताया कि पेयजल वितरण व्यवस्था हेतु प्रत्येक जनपद के जिलाधिकारीगण पूर्णतः उत्तरदायी होंगे। वह अपने नियंत्रणाधीन अधिकारीगण से नगरीय व ग्रामीण क्षेत्रों का सतत् पर्यवेक्षण कराकर यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके जनपद के किसी भी क्षेत्र में जन / पशु को पेयजल की किल्लत नहीं है और उन्हें पेयजल सुलभ उपलब्ध हो रहा है।सम्बन्ध में जिलाधिकारीगण से यह भी अपेक्षा की गयी है कि वे अपने-अपने जिले के जल संस्थान के अधिकारीगण / कर्मचारीगण को सीधे अपने अधीनस्थ सम्बद्ध करके उनको निर्दिष्ट करेंगे कि वे सतत् प्रक्रियान्तर्गत पेयजल समस्या का पूर्व आंकलन कर उसे तत्काल निराकृत करना सुनिश्चित करेंगे ताकि किसी भी क्षेत्र में पेयजल की समस्या उत्पन्न ही न होने पाये।पेयजल सुनिश्चित कराये जाने हेतु जल संस्थान की यह है तैयारियाँ पेयजल समस्या से ग्रसित क्षेत्रों में 21 टैंकरों से जलापूर्ति सुनिश्चित करायी जा रही है। वर्ष 2019 तक के टैंकर संचालकों के 1,06,00,000/- रू0 की धनराशि भुगतान हेतु अवमुक्त कर दी गई हैं, शेष अवधि के भुगतान की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है।वाटर पम्पिंग प्लाण्ट पर कुल 566 पम्प सेटों से कार्य लिया जा रहा है। वर्तमान में जल संस्थान के स्टोर में अतिरिक्त कुल 56 पम्प सेट उपलब्ध हैं। टैंकरों में जी०पी०एस० सिस्टम लगाये जाने हेतु टेण्डर आमंत्रित कर दिये गये हैं, जिनकी निविदाएं 11 अप्रैल को खोली जायेंगी।मण्डलायुक्त के मुख्य निर्देश पेयजल वितरण व्यवस्था सुनिश्चित कराने के लिये जिलाधिकारी पूर्णतः उत्तरदायी होंगे।• जिलाधिकारी के सीधे नियंत्रण में जल निगम / जल संस्थान के अधिकारी / कर्मचारी कार्य करेंगे और उनके अनुमोदन के उपरान्त ही जल निगम / जल संस्थान के अधिकारियों / कर्मचारियों के वेतन आहरित होंगे।• जिलाधिकारी यथा आवश्यकतानुसार पेयजल आपूर्ति किये जाने निमित्त अन्य विभाग के अधीक्षण अभियन्ता,अधिशासी अभियन्ता, सहायक अभियन्ता व अवर अभियन्ता को भी लगा सकते हैं। • कोविड कंट्रोल रूम (आई.सी.सी.सी.) को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए पेयजल नियंत्रण कक्ष के रूप में परिवर्तित कर उसे राउण्ड द क्लॉक चालू रखने हेतु जिलाधिकारियों को दिये निर्देश।जिलाधिकारीगण जल निगम, जल संस्थान, सिंचाई विभाग एवं विद्युत विभाग के अधिकारीगण के साथ प्रतिदिन बैठक करेंगे तथा मॉनीटरिंग कर यह सुनिश्चित करेंगे कि किसी भी क्षेत्र में पेयजल की किल्लत नहीं है और जलापूर्ति सामान्य है। जिलाधिकारीगण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति सामान्य रखने एवं यथा आवश्यकतानुसार पेयजल आपूर्ति किये जाने निमित्त अन्य विभाग के अधीक्षण अभियन्ता अधिशासी अभियन्ता, सहायक अभियन्ता व अवर अभियन्ता को भी लगा सकते हैं। ग्रीष्म ऋतु की समाप्ति तक जल निगम / जल संस्थान के अधिकारियों / कर्मचारियों का वेतन जिलाधिकारी के अनुमोदन के उपरान्त ही आहरित किया जायेगा। जिलाधिकारीगण जनपद में कोविड कंट्रोल रूम (आई.सी.सी.सी.) में इस समय कार्य कम है। अतएव इस कोविड कंट्रोल रूम (आई.सी.सी.सी.) को पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित कराने के लिए पेयजल नियंत्रण कक्ष के रूप मेंपरिवर्तित कर उसे राउण्ड द क्लॉक चालू रखा जायेमण्डलायुक्त डॉ० अजय शंकर पाण्डेय ने उपर्युक्त सभी निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित कराने हेतु संदर्भित अधिकारियों को आदेश निर्गत कर दिये हैं, जिसका अक्षरशः अनुपालन कराया जाना अपेक्षित है।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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