झांसी। पूर्व केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्यमंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने जिलाधिकारी को पत्र लिख कर वर्तमान अभिभावकों और छात्रों की समस्याओं को उनके सामने उठाया। उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि विधि एवं न्यायालय मंत्रालय, (विधायी विभाग) नई दिल्ली ने दिनांक 06.08.2026 को जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण अधिनियम 1969 में संशोधन करने के लिए अधिनियम को 2 वर्ष से अधिक जन्म या मृत्यु का प्रमाण पत्र जारी करने हेतु डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट या सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट या डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट द्वारा अधिकृत एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट द्वारा जन्म मृत्यु का आदेश दिया जायेगा।
एसडीएम द्वारा इन प्रकरणों को अब तक निपटाया जा रहा था परन्तु इन आदेशों के जारी होने के कारण एसडीएम द्वारा इन प्रकरणों में कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है और उनका कहना है कि अब डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट या सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट या डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट द्वारा अधिकृत एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट आदेश जारी करेंगे।
प्रशासन द्वारा डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट या सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट या डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट द्वारा अधिकृत एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट को जन्म मृत्यु का आदेश जारी करने हेतु किसी को भी अधिकृत नहीं किया गया है। इसलिये कोई भी जन्म एवं मृत्यु के प्रकरणों का निस्तारण नहीं हो रहा है। इस समय जब कि बच्चों को स्कूल में प्रवेश लेने है, जन्म प्रमाण पत्र न बनने के कारण अभिभावक बहुत अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वास्तव में इससे बच्चों के भविष्य प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने मांग की कि जनता की परेशानी को ध्यान में रखते हुए पूर्व की भांति एसडीएम को जन्म एवं मृत्यु से संबंधित आदेश जारी कर इस समस्या का समाधान करें।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

