
झांसी। बुंदेलखंड निर्माण मोर्चा के अध्यक्ष भानू सहाय ने अपनी पूर्व घोषणा अनुसार प्रधानमंत्री, गृहमंत्री एवं रक्षामंत्री के 3 पुतले अलग अलग दहन किये।
प्रभु राम को साक्षी मानकर तीन साल के भीतर बुंदेलखंड राज्य बनवाने का वचन बुंदेलियो को दिया गया था पर बारह साल गुजरने के बाद भी कार्यवाही तक प्रारम्भ नहीं होते देख बुन्देली जनता में काफ़ी आक्रोश हैँ।
एक माह पहले भी प्रधानमंत्री, गृहमंत्री एवं रक्षामंत्री के पुतले फूके गए थे तब मोर्चा अध्यक्ष भानू सहाय को जेल भेज दिया गया था।
” कसम राम की खाते हैँ, बुंदेलखंड राज्य बनवायेगे एवं बुंदेलखंड तो लेंगे लेंगे, जैसे दोगे वैसे लेंगे आदि नारे लगाते हुए जेल जाने की परवा किये बिना अपनी पूर्व घोषणा के अनुसार तीनो पुतलो को आग के हवाले कर दिया।
पुतले आग के हवाले करने के बाद मोर्चा अध्यक्ष ने तंज कस्ते हुए कहा की आर एसएस ने कहा हैँ की आंदोलन वार्ता का द्वार खोलते हैँ पर आप की बात मान कर सरकार वार्ता करेंगी यह तो सोचना ही छोड़ दिया जाये पर आपका अपना संगठन ही आज तक वार्ता करने नहीं आया इसकी सोचिये।
मोर्चा अध्यक्ष ने यह भी कहा की झाँसी सादर एवं चरखारी विधायक सहित उत्तर प्रदेश के दो अन्य विधायकके साथ ही मध्य प्रदेश के दो विधायक राज्य निर्माण में सहयोग करने लगे है। अब अन्य विधायकों एवं सांसदों को भी सोचना होगा की राज्य निर्माण का सहयोग करना हैँ या चुनाव हारना हैँ। हाल ही में हुए दतिया चुनाव में “राम कौ कौल” कार्यक्रम ने सत्ता दल को हराने में सहयोग प्रदान किया हैँ।
भानू सहाय ने पुतला दहन करने के बाद पुनः घोषणा की कि आगामी लोक सभा के शीतकालीन सत्र के पूर्व उन सांसदों व विधायकों के पुतले फूके जायेगे जिन्होंने प्रधानमंत्री को बुंदेलखंड राज्य निर्माण के समर्थन में पत्र नहीं लिखें होंगे।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

