
झांसी। आज जिलाधिकारी गौरांग राठी ने विकास भवन सभागार में में विकसित भारत-जी राम जी कार्यक्रम के जागरूकता हेतु कार्यक्रम के अंतर्गत पंच सम्मेलन में विस्तृत जानकारी दी।
इस अवसर पर पंच सम्मेलन की अध्यक्ष सदस्य विधान परिषद श्रीमती रमा निरंजन, ब्लाक प्रमुख चिरगांव राजकांतेश वर्मा सहित मुख्य विकास अधिकारी रामेश्वर सुधाकर सब्बनवाड, जॉइंट मजिस्ट्रेट आयुष सैनी, उपायुक्त शिखर श्रीवास्तव, बीडीओ चिरगांव, विकासखण्ड बड़ागाँव, बबीना एवं चिरगांव के ग्राम प्रधान, ग्राम सचिव व अन्य जनप्रतिनिधियों सहित विभागीय कर्मचारी उपस्थित रहे।
विकास भवन सभागार में आयोजित पंच सम्मेलन की अध्यक्षता करते हुए सदस्य विधान परिषद श्रीमती रमा निरंजन ने वीबी-जीरामजी को गरीबी-मुक्त, रोजगार-युक्त, स्वयंपूर्ण और आत्मनिर्भर गांव का संकल्प बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं को एसएचजी के जरिए काम और नेतृत्व मिलेगा। साथ ही बहनों के लिए वर्क शेड निर्माण और हाट बाजार जैसी कार्य भी किए जाएंगे, जिसका सीधा लाभ ग्रामीण महिलाओं को मिलेगा। उन्होंने कहा कि विकसित गांव से ही विकसित भारत बनेगा।
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बताया कि संसद द्वारा पारित ‘‘विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गांरटी मिशन ग्रामीणः वीबी-जी राम जी अधिनियम’’ जनपद के ग्रामीण परिवारों के लिए एक ऐतिहासिक कदम है। अब संशोधित नये स्वरूप में ग्राम पंचायतों में ग्रामीण विकास, आजीविका, समाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और मजबूत होगा।
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के संबंध में विस्तृत जानकारी दी।उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार के अवसरों को सुदृढ़ करना, ग्रामीण परिवारों की आजीविका को बेहतर बनाना तथा गांवों में विकास कार्यों के प्रति को गति प्रदान करना है। उन्होंने ग्राम प्रधानों से अपेक्षा की कि वे अधिनियम की जानकारी प्रत्येक पात्र ग्रामीण परिवार तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
पंच सम्मेलन में जिलाधिकारी गौरांग राठी ने उपस्थित ग्राम प्रधानों और ग्राम सचिव को गांव के विकास के लिए प्राथमिकता से किए जाने वाले कार्यों को चयन करें और जल संरक्षण सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यों को कार्य योजना में शामिल करें।उन्होंने ग्राम प्रधानों से आह्वान किया कि वे गांवों में पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी के साथ विकास कार्यों को आगे बढ़ाएं ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार की योजनाओं का अधिक लाभ पात्र परिवारों तक पहुंच सके।
जानकारी देते हुए बताया कि विभागों का एकीकरण और पारदर्शिताः इस अधिनियम के तहत गाँव के सभी कार्य विकसित भारत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन पर एकत्रित होंगे। इससे दोहराव बंद होगा, विभागों के बीच तालमेल बढ़ेगा और भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी। कृषि-मजदूरी समन्वयः इस अधिनियम में, राज्य सरकार द्वारा बुवाई एवं कटाई संबंधी मुख्य कृषि संबंधी गतिविधियों हेतु कुल मिलाकर 60 दिनों की अवधि निर्धारित करने का प्रावधान है।
इस दौरान उन्होंने वीबी-जी रामजी एवं मनरेगा में अंतर को बिंदुबार स्पष्ट किया और बताया कि इस अधिनियम के तहत कार्यों का क्रियान्वयन नहीं होगा, जिससे कृषि कार्य निर्बाध रूप से संचालित हो सके। इस नए अधिनियम के बारे में जानकारी केवल सरकारी स्रोतों से प्राप्त की जाए तथा इस संबंध में आवश्यकतानुसार सूचना पंचायत कार्यालय से प्राप्त की जा सकती है।
उन्होंने बताया कि मनरेगा के तहत जो काम अभी चल रहे हैं, वो बिल्कुल सुरक्षित हैं। कोई भी काम रुकेगा नहीं, सब पहले की तरह पूरे होंगे। आगे वीबी-जी राम जी लागू होने के बाद, इसके हिसाब से नए काम शुरू हो जाएंगे। मतलब, काम में रुकावट नहीं-बल्कि ज्यादा मौके मिलेंगे। गाँव का विकास और तेज़ी से आगे बढ़ेगा।
उपायुक्त शिखर श्रीवास्तव ने वीबी-जी राम जी तथा मनरेगा के अन्तर को स्पष्ट करते हुए बताया कि वर्षा ऋतु में खेती, किसानी के समय कृषकों के हितों में 02 माह कार्य बंद रखे जाने का प्रावधान है, जबकि मनरेगा में ऐसा कोई प्रावधान नहीं था। विकसित भारत-जी राम जी कानून पूरी तरह लागू होने पर आपको न केवल 125 दिनों का रोजगार मिलेगा,बल्कि अधिनियम के तहत नई बढ़ी हुई मजदूरी दरों का भी लाभ प्राप्त होगा।
पंच सम्मेलन में उत्कृष्ट कार्य करने वाले तकनीकी सहायक, लेखाकार एवं कंप्यूटर ऑपरेटर को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
इस अवसर पर पंच सम्मेलन के संचालक सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

