
झाँसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, झाँसी के विद्यार्थियों ने रोजगार एवं उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कर विश्वविद्यालय का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया है।
विश्वविद्यालय के अधिकांश विद्यार्थी उच्च शिक्षा को प्राथमिकता देते हैं, जबकि 15 से 20 प्रतिशत विद्यार्थी प्रत्यक्ष रूप से रोजगार एवं प्लेसमेंट के लिए आवेदन करते हैं। इसके बावजूद पिछले वर्षों में विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का चयन देश की प्रतिष्ठित निजी कंपनियों, सार्वजनिक एवं निजी बैंकों, विभिन्न राज्य लोक सेवा आयोगों तथा केंद्र एवं राज्य सरकार के महत्वपूर्ण पदों पर हुआ है।
वर्ष 2024-25 में लगभग 20 से 25 प्रतिशत विद्यार्थियों को रोजगार प्राप्त हुआ, जिनका वार्षिक वेतन पैकेज 7.5 लाख से 9 लाख रुपये तक रहा, जबकि 75 से 80 प्रतिशत विद्यार्थियों ने उच्च शिक्षा में प्रवेश लिया।
इसी प्रकार वर्ष 2025-26 में 25 से 30 प्रतिशत विद्यार्थियों के रोजगार प्राप्त करने की संभावना है तथा 70 से 75 प्रतिशत विद्यार्थी उच्च शिक्षा की ओर अग्रसर हैं। इनमें 2 से 3 प्रतिशत विद्यार्थियों का चयन विदेशी विश्वविद्यालयों में भी हुआ है।
इस प्रकार विश्वविद्यालय के लगभग 100 प्रतिशत विद्यार्थियों को या तो रोजगार अथवा उच्च शिक्षा का अवसर प्राप्त हो रहा है।
विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का चयन *आईसीआईसीआई बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, एचडीएफसी बैंक, नाबार्ड सहित विभिन्न बैंकिंग संस्थानों में हुआ है।* इसके अतिरिक्त *यूपीएससी, यूपीपीएससी, बीपीएससी, आरपीएससी, ओपीएससी सहित विभिन्न राज्य लोक सेवा आयोगों* के माध्यम से भी अनेक विद्यार्थियों ने सरकारी सेवाओं में सफलता प्राप्त की है।
राष्ट्रीय एवं गैर-सरकारी संस्थाएँ (एनजीओ)* भी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने के लिए अवसर उपलब्ध करा रही हैं।
इस वर्ष विश्वविद्यालय के 10 विद्यार्थियों ने *भारतीय कृषि अनुसंधान सेवा (एआरएस) मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण* कर महत्वपूर्ण उपलब्धि अर्जित की है। ये विद्यार्थी *कृषि, उद्यानिकी एवं वानिकी* विषयों से संबंधित हैं तथा इनके साक्षात्कार में भी सफल होने की प्रबल संभावना है।
स्वरोजगार के क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय के विद्यार्थी पीछे नहीं हैं। 4 से 5 विद्यार्थियों ने *खाद्य प्रसंस्करण, मशरूम उत्पादन, मोटे अनाज (मिलेट) आधारित उत्पादों एवं बीज व्यवसाय के क्षेत्र में अपने स्टार्टअप स्थापित* कर अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा प्रस्तुत की है।
विश्वविद्यालय के 8 से 10 पूर्व विद्यार्थी *नाबार्ड में सहायक प्रबंधक से लेकर शाखा प्रबंधक* तक के पदों पर कार्यरत हैं। वहीं पिछले वर्ष 35 से अधिक विद्यार्थियों का चयन बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से *ब्लॉक कृषि पदाधिकारी, ब्लॉक उद्यान पदाधिकारी एवं अनुमंडल कृषि पदाधिकारी* के पदों पर हुआ।
इसके अतिरिक्त राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भी विद्यार्थियों ने सरकारी सेवाओं में सफलता प्राप्त की है।
विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का चयन *भारतीय वानिकी अनुसंधान एवं शिक्षा परिषद (आईसीएफआरई), केंद्रीय रेशम बोर्ड तथा विभिन्न विश्वविद्यालयों में वैज्ञानिक एवं संकाय सदस्य (फैकल्टी)* के रूप में भी हुआ है।
कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह* ने कहा कि “रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, व्यावहारिक प्रशिक्षण, अनुसंधान एवं नवाचार आधारित वातावरण उपलब्ध करा रहा है। यही कारण है कि हमारे विद्यार्थी देश की प्रतिष्ठित संस्थाओं में अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय के *प्लेसमेंट अधिकारी डॉ. एमजे डोबरियाल* ने बताया कि “विश्वविद्यालय का प्लेसमेंट एवं करियर विकास प्रकोष्ठ उद्योगों, बैंकिंग संस्थानों, सरकारी संगठनों तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से निरंतर संपर्क बनाए हुए है। विद्यार्थियों को कौशल विकास, व्यक्तित्व निर्माण, साक्षात्कार प्रशिक्षण एवं करियर परामर्श नियमित रूप से उपलब्ध कराया जाता है। इसी का परिणाम है कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को प्रतिष्ठित संस्थानों में लगातार रोजगार एवं उच्च शिक्षा के उत्कृष्ट अवसर प्राप्त हो रहे हैं।”
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

