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विभिन्न थानों से भी कोचिंग सेन्टर संचालन की ली जाएगी जानकारी,टीम करेगी जांच कोचिंग सेंटरों एवं लाइब्रेरी में चलेगा विशेष अग्नि सुरक्षा जांच अभियान : जिलाधिकारी

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झांसी। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने जनपद में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं एवं आम जनमानस की सुरक्षा सर्वाेच्च प्राथमिकता है तथा शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संस्थानों में अग्निशमन मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाना अत्यंत आवश्यक है।

आज कलेक्ट्रेट नवीन सभागार में जिलाधिकारी गौरांग राठी ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी को निर्देशित किया है कि तत्काल प्रभाव से आवश्यकतानुसार विशेष जांच दलों का गठन कर जनपद के समस्त कोचिंग सेंटरों, कंप्यूटर प्रशिक्षण संस्थानों एवं सार्वजनिक लाइब्रेरी में सघन अग्नि सुरक्षा जांच अभियान संचालित किया जाए और यह विशेष अभियान निरंतर चलाया जाए।

उन्होंने निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान संस्थानों में स्थापित अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता एवं उनकी क्रियाशील स्थिति का गहन परीक्षण किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की समुचित व्यवस्था उपलब्ध हो तथा निकास मार्ग किसी भी प्रकार के अवरोध से मुक्त हों। उन्होंने कहा कि अधिकांश अग्नि दुर्घटनाएं विद्युत शॉर्ट सर्किट के कारण होती हैं, इसलिए सभी प्रतिष्ठानों में विद्युत वायरिंग एवं विद्युत सुरक्षा मानकों की विशेष रूप से जांच की जाए, जिससे संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इसके अतिरिक्त संस्थानों द्वारा प्राप्त फायर एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) की वैधता एवं अनुपालन की भी जांच की जाए तथा वैद्यता समाप्त होने पर सेंटर सील किया जाए।

बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी गौरांग राठी ने उपस्थित कोचिंग सेंटर संचालकों से कहा कि इस विशेष अभियान का उद्देश्य केवल निरीक्षण करना नहीं, बल्कि जनपद के सभी शैक्षणिक एवं प्रशिक्षण संस्थानों में सुरक्षा संस्कृति को विकसित करना तथा संभावित अग्नि दुर्घटनाओं की रोकथाम सुनिश्चित करना है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को अभियान के प्रभावी एवं पारदर्शी संचालन के निर्देश देते हुए कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही क्षम्य नहीं होगी।

बैठक में जिलाधिकारी गौरांग राठी ने अनुपस्थित कोचिंग सेंटर संचालकों के विरुद्ध तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए, ऐसे कोचिंग सेन्टर जिनके पास फायर/ जेडीए कि एनओसी है उन्हें तत्काल उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन नियमावली 2002 में पंजीकरण कराए जाने के निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त, ऐसे कोचिंग सेंटर जिनके पास अभी तक जेडीए और फायर की एनओसी नहीं है, उन्हें 10 दिन में आवेदन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि कोचिंग सेंटर किराए के भवन में है तो भवन स्वामी को फायर और जेडीए से एनओसी प्राप्त करना होगा, अन्यथा कोचिंग सेंटर सील कर दिया जाएगा।

जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बैठक में उपस्थित कोचिंग सेन्टर संचालकों को फायर एनओसी प्राप्त करने के लिए https//niveshmitra.up.nic.in लॉग इन कर आवेदन कर सकते हैं।इसके अतिरिक्त उन्होंने बताया कि प्रभारी फायर स्टेशन अनिल कुमार, मो0 9454418431 पर भी एनओसी प्राप्त करने हेतु आवेदन कैसे करें की जानकारी ली जा सकती है।

बैठक में क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी प्रोफेसर सुशील बाबू ने उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन नियमावली 2002 कि बिंदुवार जानकारी दी। उन्होंने कहा, प्रत्येक कोचिंग संस्थान का पंजीकरण कराना आवश्यक है।बिना पंजीकरण के कोचिंग का संचालन नहीं किया जा सकता। उन्होंने पंजीकरण शुल्क, पंजीकरण प्रमाणपत्र तथा प्रत्येक नयी शाखा के लिए अलग पंजीकरण आवश्यक है कि जानकारी दी। इसके अतिरिक्त उन्होंने पता बदलने पर, प्रमाण पत्र खो जाने पर, आवश्यक अभिलेख सहित संचालकों की जिम्मेदारी के संबंध में भी विस्तृत जानकारी संचालकों को दी।

बैठक में मुख्य अग्निशमन अधिकारी आर के राय ने फायर सेफ्टी उपकरण के संचालन कि विधिवत जानकारी एवं प्रैक्टिकल करके प्रदर्शित किया।

बैठक में उपाध्यक्ष जेडीए हिमांशु गौतम, एडीएम वित्त एवं राजस्व श्रीमती पल्लवी मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट प्रमोद झा, सीएफओ आर के राय, आपदा विशेषज्ञ धीरज पाठक,कोचिंग पंजीयन समिति प्रभारी प्रोफेसर संजीव मिश्रा, सदस्य डॉ0 अजय शंकर यादव, नागरिक सुरक्षा संगठन से श्रीमती शिखा शर्मा, सुश्री प्रगति शर्मा, श्री बृजेन्द्र शर्मा सहित कोचिंग सेंटर संचालक उपस्थित रहे।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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