
झांसी। डॉ.अम्बेडकर राष्ट्रीय अधिवक्ता संघ (भारत)यूनिट झांसी के तत्वाधान में कलेक्ट्रेट कम्पाउन्ड में सन्त कबीर साहब जी की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। एड.चन्द्रभान आदिम ने बताया कि सन्त कबीर साहब सामाजिक आराध्य,सद्गुरु धुर पाखंड विरोधी,मानवता वादी समाज सुधारक सन्त थे उन्होंने जाति – पाति, धार्मिक आडम्बर, छुआ छूत, और पाखंड का विरोध करते हुए प्रेम,सत्य, समानता और मानवता का संदेश दिया। कबीर की बाणी का संकलन बीजक, कबीर ग्रंथावली,दोहों, में मिलता है दोहों के माध्यम लोगों जागरूकता पैदा की उनके दोहे “बुरा जो देखन मैं चला,बुरा न मिला कोय
जो दिल खोजा आपना, मुझ से बुरा न कोय।
इसी तरह उन्होंने कहा “धीरे धीरे रे मना, धीरे सब होय
माली सींचे सौ घड़ा, ऋतु आए फल होय।
इस अवसर पर जिला अधिवक्ता संघ के महामंत्री एड.छोटे लाल वर्मा, एड. चन्द्रभान आदिम,एड.राज योगेन्द्र कुमार,एड.बृजेंद्र सिंह यादव, एड. महेश चंद्र अनुरागी,एड.सुनीता केसरी,एड.अरविन्द वर्मा, एड.राजेश सिंह बौद्ध , एड.प्रांगी लाल राजन, एड.लालता प्रसाद मच्छे, एड.हरी शंकर सेवनया, एड. अरविन्द वर्मा,एड.राजेन्द्र सिंह परिहार, एड.एच.आर. पाण्डेय, एड.हर्षाना उदय,एड.सुधीर श्रीवास्तव,एड. अभिषेक आदिम एड.जितेन्द्र मौर्या,एड.रमेश अहिरवार, एड.रॉबिन वर्मा, एड.नीलम चौधरी, एड.अनीता, एड. अभिषेक सिंह, एड. मोहित पंचोली, एड. प्रशान्त चौधरी सभी अधिवक्ता साथियों ने सन्त कबीर साहब जी को कोटि कोटि नमन किया।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

