झांसी। कोतवाली थाना क्षेत्र के उन्नाव गेट पर बीस दिन पूर्व हुई मारपीट की घटना की रिपोर्ट दर्ज नहीं होने पर पीड़ितों ने आज एसएसपी को शिकायती पत्र देकर रिपोर्ट दर्ज कराने की मांग की है। उन्नाव गेट के भांडेर गेट निवासी सुंदर परेता ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि 20/21 सितंबर की रात उसके रिश्तेदारों ने उसके घर आकर तलवारों से धमकाया और लाठी डंडा से जमकर मारपीट की। इस घटना की पीड़ित ने तत्काल डायल 112 को सूचना दी थी। उसके बाद पीड़ित घायल अवस्था में थाना कोतवाली पहुंचा था। जहां पुलिस ने उसका मेडिकल परीक्षण करा दिया था। तभी से उन्नाव गेट चौकी प्रभारी रिपोर्ट दर्ज न करके लगातार उसे व उसके परिजनों पर राजीनामा करने का दबाव बना रहे है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि चौकी प्रभारी ने धमकाते हुए कहा है कि अगर राजीनामा नहीं करोगे तो तुम्हारे खिलाफ भी छेड़खानी का मुकदमा दर्ज हो जाएगा। और अधिकारियों को IGRS पर फर्जी आख्या लगाकर अधिकारियों को गुमराह कर दिया पीड़ितों ने एसएसपी को बताया कि घटना करने अभियुक्त उसके घर आए थे उसके साथ मारपीट की अब क्या अपने साथ हुए अन्याय की लड़ाई के लिए फर्जी मुकदमा झेलना पड़ेगा। एसएसपी ने मामले की जांच के आदेश दिए है।
तीन घंटे चौकी में गुहार, फिर भी मेडिकल नहीं?
पीड़ित का आरोप है कि घटना के बाद वह परिवार सहित पुलिस अधिकारियों के पास पहुंचा और चोटों का मेडिकल परीक्षण कराने तथा मुकदमा दर्ज करने की मांग की। परिवार करीब तीन घंटे तक उन्नाव गेट चौकी प्रभारी के कार्रवाई की गुहार लगाता रहा, लेकिन गंभीर चोटों के बावजूद मेडिकल परीक्षण कराने की दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई।
IGRS की आख्या ने खड़े किए सवाल
मामले में IGRS पर भेजी गई पुलिस आख्या को लेकर पीड़ित परिवार ने गंभीर सवाल उठाए हैं। आरोप है कि चौकी प्रभारी द्वारा अधिकारियों को भेजी गई आख्या में घटना की वास्तविक परिस्थितियों, चोटों और उपलब्ध साक्ष्यों का सही उल्लेख नहीं किया गया। पीड़ित ने इसे कथित रूप से मनगढ़ंत एवं अधिकारियों को गुमराह करने वाली आख्या बताते हुए इसकी स्वतंत्र जांच की मांग की है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा
