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अभियान का मुख्य उद्देश्य नदियों को प्लास्टिक मुक्त बनाना और जैव विविधता का संरक्षण करना : जिला परियोजना अधिकारी (नमामी गंगे) पखवाड़ा के अंतर्गत होंगे विभिन्न कार्यक्रम, पेंटिंग, प्रतियोगिता, वृक्षारोपण, रैलियां और श्रमदान भी होगा शामिल

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झांसी। जनपद में नमामि गंगे के तहत गंगा स्वच्छता पखवाड़ा-2026 की शुरुआत सुखनई नदी किनारे स्थित जलविहार घाट पर पूरे विधि विधान से प्रारंभ हुआ। इस दौरान श्रमदान, जागरूकता रैली, चित्रकला प्रतियोगिता, गोष्ठी और शपथ कार्यक्रम आयोजित किए गए। छात्रों, शिक्षकों और अधिकारियों ने मिलकर स्वच्छता का संदेश दिया और नदियों को प्रदूषण मुक्त रखने का संकल्प लिया।

जिला गंगा समिति, सामाजिक वानिकी प्रभाग और जिला पर्यावरण समिति के संयुक्त तत्वाधान में नगर पालिका परिषद सहित विभिन्न स्कूलों से आए छात्र-छात्राओं के साथ सुखनई नदी किनारे स्वच्छता अभियान और श्रमदान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन जलविहार घाट पर किया गया, जहां बच्चों ने उत्साह के साथ भाग लेते हुए साफ-सफाई की और लोगों को जागरूक किया।

आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि अध्यक्ष नगर पालिका परिषद मऊरानीपुर श्रीमती शशि श्रीवास ने कहा कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य नदियों को प्लास्टिक मुक्त बनाना और जैव विविधता का संरक्षण करना है। उन्होंने बताया कि गंगा स्वच्छता पखवाड़ा के तहत लोगों को प्लास्टिक का उपयोग न करने के लिए प्रेरित किया जाएगा और पॉलीथिन के इस्तेमाल को रोकने पर जोर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि आज के समय में प्लास्टिक जीवन का हिस्सा बन गया है, लेकिन इसमें मौजूद रसायन पर्यावरण और स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि प्लास्टिक का बढ़ता उपयोग प्रदूषण का बड़ा कारण बन रहा है, जिससे पृथ्वी, वन्यजीव और मानव जीवन प्रभावित हो रहे हैं।

डीपीओ नमामि गंगे आयुष रविन्द्र भारती ने कहा कि नदियां मानव जीवन के लिए प्रकृति का अमूल्य उपहार हैं, लेकिन तेजी से प्रदूषित हो रही हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि बेहतर भविष्य के लिए सभी को मिलकर नदियों को बचाने के लिए प्रयास करना होगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छता केवल सफाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह स्वस्थ और खुशहाल जीवन की नींव है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण हमें बीमारियों से बचाता है और मानसिक शांति भी देता है, इसलिए इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना है।

कार्यक्रम के विशेष अतिथि अधिशासी अधिकारी सरवेश कुमार ने सुझाव दिया कि नदियों में गंदे नालों का पानी जाने से रोकने के लिए फिल्टर प्लांट लगाए जाएं। साथ ही नदी किनारे बड़े डस्टबिन रखे जाएं और वहां से कचरे का सही निस्तारण किया जाए। उन्होंने नदियों के आसपास बड़े स्तर पर वृक्षारोपण करने पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम के दौरान “स्वच्छ नदियां, स्वस्थ जीवन” विषय पर चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। अंत में सभी को नदियों में कूड़ा न डालने की शपथ दिलाई गई।

इस कार्यक्रम में क्षेत्रीय वनाधिकारी, मऊरानीपुर कृष्णाकुमार द्विवेदी, जिला परियोजना अधिकारी ( नमामि गंगे ), झाँसी आयुष रविंद्र भारती, समस्त वन रेंज स्टाफ मऊरानीपुर, नगरपालिका स्टाफ एवं बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे एवं जनमानस उपस्थित रहे।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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