झांसी। अतिशय क्षेत्र करगुवांजी में चल रहे 48 दिवसीय 1008 भक्तामर महा मण्डल आराधना विधान के चबालीसवें दिन मंगलवार को गणिनी आर्यिका 105 विशाश्री माताजी ने मंगल देशना देते हुए कहा कि जिस प्रकार कमल कीचड़ में जरुर खिलता है पर हमेशा कीचड़ से ऊपर उठकर वातावरण में खुशबू बिखेरता है। इसी प्रकार मनुष्य को चाहिए कि वह परिवार और समाज में रहते हुए विवाद में नहीं वैराग्य में रहें। उन्होंने कहा कि भगवान का वही सच्चा भक्त हैं जो परिवार में रहकर भी भोगों में लिप्त नहीं होता। मानव देह को दुर्लभ बताते हुए वे कहती हैं कि देवता भी मानव देह पाने को तरसते हैं और यही भावना भाकर वे मनुष्य जीवन की कामना करते हैं क्योंकि मनुष्य जीवन ही मोक्ष की सीढ़ी है।इससे पूर्व मंगलवार के पुण्यार्जक श्रीमती नीता जैन, मयंक जैन, श्रीमती प्रिया जैन,सर्वज्ञ जैन एवं समस्त जबलपुर वाले परिवार करगुवांजी झांसी रहे, जिन्होंने शांतिधारा का सौभाग्य प्राप्त किया, माताजी को शास्त्र भेंटकर पाद प्रक्षालन किया एवं पं विनोद जैन बबीना के मार्गदर्शन में समस्त धार्मिक क्रियायें सम्पन्न कराते हुए अर्घ समर्पित किये।
तदुपरांत पुण्यार्जक परिवारों को शाल,माला एवं पगड़ी पहनाकर दिगम्बर जैन पंचायत समिति के पदाधिकारियों ने सम्मानित किया।संचालन पंचायत समिति के महामंत्री कमल जैन लोकपथ एवं करगुवांजी मंत्री एड.शिरोमणी जैन ने संयुक्त रूप से किया।अंत में निर्माण मंत्री भागचंद जैन ने सभी का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर विकास जैन, शाश्वत जैन, विनोद जैन, वीरेंद्र जैन नेडा,शशांक जैन,श्वेता जैन, अजय जैन, रेखा जैन,श्रीमती रानी भागचंद जैन, श्रीमती प्रीति शिरोमणि जैन मौजूद रहे।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

