Home Uncategorized टी०डी०एस० के प्रावधानों एवं विदेशी सम्पत्ति प्रकटीकरण योजना-2026 (FAST-DS-2026) के पर संगोष्ठी...

टी०डी०एस० के प्रावधानों एवं विदेशी सम्पत्ति प्रकटीकरण योजना-2026 (FAST-DS-2026) के पर संगोष्ठी आयोजित की गई

24
0

 

 

झांसी। अग्रिम कर की द्वितीय किश्त का भुगतान, टी०डी०एस० के प्रावधानों एवं विदेशी सम्पत्ति प्रकटीकरण योजना-2026 (FAST-DS-2026) के सम्बन्ध में संगोष्ठी का आयोजन किया गया।

आऊटरीच प्रोग्राम में आज दिनांक 14 सितंबर को एक संगोष्ठी का कार्यक्रम आयकर भवन सिविल लाईन्स, झॉसी में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में अग्रिम कर की द्वितीय किश्त का भुगतान जो कि 15 सितम्बर 2026 को देय है के बारे में आयकर अधिकारी अमित कुमार श्रीवास्तव एवं अभिषेक वाजपेई ने विस्तारपूर्वक बताया है जिसमें उन्होंने बताया कि अग्रिम कर की द्वितीय किश्त समय से जमा करें और। साथ ही साथ उन्होनें यह भी बताया कि करदाता स्व निर्धारण कर देने के स्थान पर अग्रिम कर का भुगतान समय से करे जिससे अनावाश्यक ब्याज की देयता से बचें। संगोष्ठी के दौरान आयकर अधिकारी आनन्द द्विवेदी ने टी०डी०एस० के नये प्रावधानों के बारे में विस्तारपूर्वक बताया जिसमें उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नये प्रावधान में अब टी०डी०एस० स्टेटमेंट को संशोधित करने की समयावधि को 06 वर्ष से घटाकर 02 वर्ष कर दिया गया है इसिलए जिन Deductors को पूर्व लंबित मामलो में स्टेटमेंट संशोधित करना है वे 31 मार्च 2027 तक अवश्य संशोधित कर लें। संगोष्ठी में यह भी बताया गया है कि सभी Deductors को यह भी अवगत कराया कि जिन मामलों में पैन आधार से लिंक नहीं है उनमें अपरिहार्य रूप से 20 प्रतिशत की दर से टी०डी०एस० की कटौती की जानी है। संगोष्ठी के द्वौरान पुरानी लंबित बकाया डिमांड को जल्द से जल्द समय से जमा कराने का आग्रह किया गया। संगोष्ठी के दौरान आयकर अधिकारी ए० के० सिंह ने विदेशी सम्पत्ति प्रकटीकरण योजना-2026 (FAST-DS-2026) के सम्बन्ध में अवगत कराया कि इस योजना के तहत 31 दिसंबर तक ऐसी समस्त अधोषित विदेशी सम्पत्तियों का प्रकटीकरण किया जा सकता है जो पहले से आयकर विवरणी में घोषित नहीं थी। इस दौरान यह भी बताया गया कि MNC कम्पनी में कार्यरत करदाता जिन्हें वेतन के अतिरिक्त विदेशी कम्पनी के शेयर्स भी आंवटन किये जाते है भी इस योजना के दायरे में आते है। समय रहते यदि इस योजना के तहत अघोषित विदेशी सम्पत्तियों के प्रकटीकरण न करने की दशा में आयकर अधिनियम के कठोर प्रावधानों का सामना करना पड़ सकता है। उपरोक्त संगोष्ठी में चार्टड एकाउंटेंट अनिल अरोरा, कपिल खन्ना, अजय मोदी, रचित अग्रवाल एवं हर्ष अग्रवाल, एवं, शैलेन्द्र चौहान उपस्थित रहे। आयकर अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष विजय खन्ना एडवोकेट एवं सचिव आर.सी. गुप्ता एडवोकेट, अनिल गुरनानी, राकेश झॉ एवं एडवोकेट विशाल अग्रवाल तथा झांसी टैक्स वार एसोसिऐशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र रावत, सचिव सौरभ खरे, विनय सिजरिया, महेश गौड़, रामेश्वर राय, मनोज कुमार, बावूलाल, मनीष मिश्रा, आशुतोष मोदी, अरविन्द साहू, इत्यादि उपस्थित रहे। इनके अतिरिक्त अन्य कड गणमान्य करदाता भी उपस्थित रहे। अन्त में आयकर अधिकारी रजनीश द्विवेदी ने सभी के प्रति आभा प्रकट किया।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here