झांसी। एक माह पूर्व मऊरानीपुर के आलियाई मोहल्ला में दलित पर प्राण घातक हमला करते हुए बेरहमी से पिटाई कर वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले आरोपी को न्यायालय विशेष न्यायाधीश अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम झांसी नेत्रपाल सिंह की अदालत ने जमानत देने से इंकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। अभियुक्त को अभी जेल में ही समय बिताना पड़ेगा।
अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता केशवेंद्र प्रताप सिंह/ कपिल ने जानकारी देते हुए बताया कि 6 अगस्त 2026 को मऊरानीपुर थाना में संजय श्रीवास ने रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि शाम करीब पांच बजे उसके भतीजे आकाश श्रीवास को जायूस, ध्रुव कुमार जोशी और आधा दर्जन लोगों ने जान से मारने की नीयत से बाइक पर बैठा कर ले गए और उसकी बेरहमी से मारपीट कर प्राण घातक हमला किया और मोबाइल से वीडियो बनाकर उसे मरणासन्न हालत में राम घाट नहर के पास छोड़ कर भाग गए। उसने रिपोर्ट में आरोप लगाया कि दबंगों ने मारपीट करने के बाद दहशत फैलाने के लिए बनाई गई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जेल भेज दिया था। आज आरोपी ध्रुव की और से न्यायालय में जमानत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। जिसकी सुनवाई के बाद अभियोजन की अपील पर न्यायालय ने आरोपी को जमानत देने से इनकार कर उसका जमानत प्रार्थना पत्र निरस्त कर दिया। अभियुक्त को अभी झांसी जिला कारागार में ही समय बिताना पड़ेगा।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

