
झांसी। जिले में पुलिस कप्तान के रूप में पदभार ग्रहण करने के बाद आईपीएस विकास कुमार ने मीडिया से संवाद करते हुए बताया था कि सर्व प्रथम कानून का राज स्थापित करना ही उनकी पहली प्राथमिकता है। साथ ही उन्होंने सरकारी फोन रिसीव न करने वाले थानेदारों और पुलिस। कर्मियों के खिलाफ शिकायत आने पर कार्यवाही करने की बात कही थी।
इसी बीच गुरसराय थाना क्षेत्र का एक मामला निकल कर सामने आ रहा है जहां दस दिन से मारपीट में गंभीर रूप से घायल फाइनेंस कर्मचारी अस्पताल में उपचार करा रहा है, लेकिन उसकी एफआईआर तक दर्ज नहीं की गई। फाइनेंस कर्मचारी के तीन अज्ञात हमलावरों पर मारपीट कर डेढ़ लाख की नकदी और सोने की चैन लूटने का आरोप लगाया था। दस दिन गुजरने के बाद भी जब पीड़ित की रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई तो उसने सोशल मीडिया पर अपना वीडियो और शिकायती पत्र वायरल कर कार्यवाही की मांग की है। पीड़ित के आरोपों में कितनी सच्चाई है इसकी पुष्टि करने के लिए गुरसराय थाना प्रभारी, सीओ गरौठा, एसपी देहात के सीयूजी मोबाइल नंबरों पर संपर्क किया गया तो किसी के फोन रिसीव नहीं हुए।
जानकारी के मुताबिक तोड़ीफतेहपुर विक्रम पुरा निवासी प्रदीप पटेल ने सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कर बताया कि वह चिरगांव स्थित एक कंपनी में फाइनेंस कर्मचारी है। 28 अगस्त को वह अपनी बाइक से गुरसराय गया था वहां से लौटते समय रास्ते में ग्राम बंका पहाड़ी और मैं गांव के बीच सड़क पर खड़े तीन अज्ञात लोगों ने उस पर पीछे से पत्थर मारकर हमला कर दिया जिससे वह बाइक सहित जमीन पर गिर पड़ा और तीनों ने उसकी मारपीट कर उसके गले से सोने की चैन, और उसके बैग में रखे करीब डेढ़ लाख की नकदी लूट कर बाइक से भाग निकले। पीड़ित का आरोप है कि वह गंभीर अवस्था में घायल है, लेकिन घटना की सूचना तत्काल देने के बावजूद दस दिन गुजर गए आज तक उसकी एफआईआर दर्ज नहीं हो सकी।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

