झांसी। सात वर्ष पूर्व तीस लाख रुपए के लेनदेन को लेकर हुए विवाद के दौरान चाकुओं से हमला कर विनोद यादव की हत्या करने वाले आरोपी को आज न्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या एक आदित्य चतुर्वेदी की अदालत ने दोषी करार देते हुए आरोपी को आठ साल की जेल और दस हजार रुपए अर्थदंड से दंडित करने का फैसला सुनाया है।
अभियोजन की और से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता राजेंद्र रावत व रवि प्रकाश ने जानकारी देते हुए बताया कि गुरसराय के ग्राम सेमरी निवासी भगवत सिंह ने एक जुलाई 2018 को थाना शहर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया था कि उसका भाई विनोद यादव उर्फ माते अपनी उधारी का दिया हुआ तीस लाख रुपया लेने सुबह छ बजे नई बस्ती के खाई मोहल्ला निवासी चंद्रशेखर विश्वकर्मा के घर गया था। जहां दोनों के पैसे के लेनदेन को लेकर कहा सुनी होने पर चंद्र शेखर ने आवेश में आकर उसके भाई विनोद यादव पर चाकुओं से कई बार कर दिए। जिससे उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया जहां उसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आरोपी को जेल भेज दिया था। पुलिस ने मामले आरोपी के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल कर दिया था। न्यायालय में चल रही सुनवाई के दौरान दोनों पक्ष से हुई जिरह के बाद आरोपी चंद्र शेखर पर हत्या का आरोप सिद्ध हो गया। न्यायालय ने आज आरोपी को आठ वर्ष तीन माह का कारावास ओर दस हजार रुपए अर्थदंड अदा करने का फैसला सुनाया।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

