July 12, 2024

एक युद्ध नशे के विरुद्ध, स्कूल कोचिंग कोलेज की सौ मीटर परिधि में नही होगी

झांसी। बाल अधिकार संरक्षण पर समीक्षा करने आए राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के सदस्य डॉक्टर प्रिय रंजन आशु ने कहा बाल अपराधो को रोकने और उन्हे सही दिशा देने के संबंध में आज जनपद भ्रमण के दौरान सभी विभाग के अफसरों के साथ समीक्षा की गई। इस समीक्षा में शासन द्वारा चलाया जा रहे अभियान एक युद्ध नशे के विरुद्ध की जानकारी देते हुए अभियान चलाए जाने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा की उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पिछले पखवारे से जागरूक मीडिया कार्यक्रम चलाया जा रहा है। उन्होंने कहा सरकार की चाइल्ड लाइन हेल्प लाइन का नंबर 1098 है, जिसकी ग्रामीण क्षेत्रों में कई लोगों को जानकारी नही है, इन्ही सारी सरकार की योजनाओं को मीडिया के माध्यम से प्रसारित कर अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ दिलाना है। वहीं उन्होंने बताया की कोरो ना काल में कई बच्चों के माता पिता का निधन हो गया ऐसे बच्चों की देख भाल के लिए सरकार द्वारा चार हजार रुपए प्रतिमाह दे रही है। इस योजना की कई लोगों को जानकारी नही है, इसलिए लोग इसका नही ले पा रहे। मीडिया के माध्यम से जागरूकता फैला कर जरूर मंद लोगों को इसका लाभ मिले। वही उन्होंने बताया की सरकार द्वारा एक अभियान शुरू किया गया है, एक युद्ध नशे के विरुद्ध, जिसके चलते कोई भी कोचिंग सेंटर, स्कूल, कोलेज के सौ मीटर की परिधि में नशा, तंबाकू, मादक पदार्थ की बिक्री की दुकान नही होगी, अगर अभी है तो उन्होंने कहा जिला प्रशासन आबकारी संयुक्त रूप से अभियान चलाकर इन्हे बंद कराए। उन्होंने कहा बच्चों के लिए सरकार द्वारा चलाई जा रही यह सभी योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सभी विभागों का सहयोग लिया जा रहा है। उन्होंने बताया की ग्रामीण क्षेत्रों में 08 से 18 वर्ष के बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर हो रही है, इसका मुख्य कारण ग्रामीण क्षेत्रों में पनप रहे बिना डिग्री वाले डॉक्टर है, इनके विरुद्ध अभियान चलाकर उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही की जाएगी क्योंकि यह बिना किसी जानकारी के कोई भी दवा दे देते है जिससे बच्चों की इम्यूनिटी कमजोर हो रही। वही उन्होंने कहा मेडिकल स्टोरों, पर बिना चिकित्सक की सलाह के खुलेआम नशीली दवाएं बिक रही जिसे बच्चे खरीद कर नशे की लत में पड़ रहे। ऐसे मेडिकल स्टोरों को चिन्हित कर सीएमओ को कार्यवाही के निर्देश दिए गए है। वही उन्होंने बताया की मजदूर, आर्थिक स्थिति से कमजोर वर्ग के बच्चों को बड़े बड़े स्कूल कोलेज में पढ़ाने के लिए सरकार ने 25 प्रतिशत बच्चे पढ़ाने का हर स्कूल कोलेज को टारगेट दिया है, आर्थिक स्थिति से कमजोर, मजदूर वर्ग का व्यक्ति अपने बच्चे को सरकार की इस योजना का लाभ लेकर स्कूल में निशुल्क पढ़ा सकता है और अगर जो स्कूल कोलेज संचालक ऐसा नही कर रहे उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी मान्यता भी रद्द की जाएगी। गली गली खुले अवैध हुक्का बारों में बच्चों ओर युवाओं को दिए जा रहे नशीले पदार्थ के सेवन पर उन्होंने कहा वह जिला प्रशासन से वार्ता कर अवैध हुक्का बार बंद कराएंगे।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा