February 26, 2024

झांसी मण्डल में विलुप्त नदियों के संरक्षण हेतु सर्वे करायें : मण्डलायुक्त झांसी में लखेरी, पथराई, जालौन में कोंच मलंगा, नून नदी तथा ललितपुर में बानई नदी का जीर्णोद्वार होगा

झांसी। मण्डलायुक्त, डॉ0 अजय शंकर पाण्डेय ने झांसी मण्डल में विलुप्त नदियों का जीर्णोद्वार एवं कायाकल्प कराया जायेगा। जिसके अन्तर्गत जनपद झांसी में लखेरी व पथराई, जनपद जालौन में कोंच मलंगा नाला व नून नदी तथा जनपद ललितपुर में बानई नदी के संरक्षण हेतु एक आवश्यक बैठक कमिश्नरी सभागार में आयोजित की गयी, जिसमें मण्डलायुक्त द्वारा सिंचाई विभाग (नोडल विभाग) तथा तीनों जनपदों के उपायुक्त मनरेगा को निर्देश दिये कि भारत सरकार द्वारा नदियों को चिन्हित किया गया है, इसके सम्बन्ध में विस्तृत सर्वे रिपोर्ट 02 मई 2022 तक उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उन्होने यह भी निर्देश दिये कि चिन्हित नदियों को सर्वे समयबद्वता के साथ अनुश्रवण सुनिश्चित करायें।लखेरी नदी का कायाकल्प के अन्तर्गत लखेरी का उदगम स्थल विकास खण्ड बंगरा के ग्राम कचनेव के तालाब (झील) से है। विकास खण्ड बंगरा के अन्तर्गत कचनेव से मगरवारा, गुढ़ा, टिकरी, निमोनी, बगरौनी होते हुये 33 किमी का सफर तय करते हुये विकास खण्ड मऊरानीपुर के ग्राम कोटरा में प्रेवेश करती हुई स्यावरी, वेहटा (ककवारा), चिमरवारा (रेवन) से होते हुये 12.5 किमी का सफर तय करते हुये विकास खण्ड गुरसराय की ओर निकल जाती है। विकास खण्ड गुरसराय के ग्राम महेबा शुरु होकर खलीलपुरा, लिधौरा, देवराखुर्द, कछियामऊ, गोरपुरा एवं पसौरा होकर 20 किमी का सफर तय करते हुये गरौठा के बाद निपान मिल जाती है। निपान से होते हुये 14.5 किमी का सफर तय करते हुये विकास खण्ड बामौर के दुरखुरु, डुमरई होते हुये घसान में मिलती है।

इस प्रकार झांसी क्षेत्र के अन्तर्गत लगभग 80 किमी का सफर तय करती है।पथराई नदी का कायाकल्प- पथराई नदी का उदगम मध्यप्रदेश के ग्राम भमोरा है। मध्य प्रदेश से सफर तय करते हुये विकास खण्ड बंगरा के ग्राम भिटौरा से होते हुये सिलगुवां, उल्दन, पथराई डेम में मिलती है। यह डेम ग्राम चढरऊधवारी पर बना है। डेम से दादपुरा मजरा चढरऊधवारी होते हुये ब्लाक गुरसराय के धुरवई, राजापुर, गोरपुरा एवं पसौरा का सफर तय करते हुयी लखेरी में समाहित हो जाती है। इस प्रकार झांसी क्षेत्र के अन्तर्गत लगभग 40.5 किमी का सफर तय करती है।जनपद जालौन में कोंच मलंगा नाला व नून नदी के सम्बन्ध में उपायुक्त मनरेगा द्वारा विस्तार से अवगत कराया गया तथा जनपद ललितपुर में बानई नदी के जीर्णोद्वार के सम्बन्ध में उपायुक्त मनरेगा द्वारा अवगत कराया गया। जनपद ललितपुर की बानई नदी का जीर्णाेद्वार- बानई नदी ग्राम पंचायत खितवास के टसर एवं सतरवास से निकले नाले जो कि ग्राम पंचायत तालगाँव में मिलकर आगे चलकर बानई नदी का रूप ले लेती है। यह नदी ग्राम पंचायत तालगॉव अनौरा, झरकौन कल्याणपुरा एवं कचनौदाकलाँ होते हुये कचनौदा डैम में जाकर मिल जाती है। नदी की लम्बाई लगभग 15 किमी है। उक्त नदी पर कई चौक डैम बने होने के कारण जलभराव है। इन चैकडैमों का मरम्मत किया जाना है एवं नदी में लगभग 6 किमी में गहराई एवं सफाई किये जाने की आवश्यकता है। ग्राम पंचायत अनौरा, तालगॉव, झरकौन कल्याणपुरा एव कचनौदाकलां में लगभग 9440 जनसंख्या निवास करती है एवं 3256.46 है0 भूमि है। केवल ग्राम पंचायत अनौरा में ही 105.65 है, बंजर भूमि है। वर्तमान में ग्राम पंचायत अनौरा में 2 किमी में कार्य कराया जाना है 500-500 मीटर के प्राक्कलन बनाये गये है, जिन पर कार्य प्रगति पर है।बैठक में मुख्य वन संरक्षक पीपी सिंह, संयुक्त विकास आयुक्त मिथलेश सचान, उप निदेशक अर्थ एवं संख्या एसएन त्रिपाठी, परमार्थ समाज सेवी संस्थान के संजय सिंह परमार्थ, सिचाई विभाग के अधिशाषी अभिंयता, तीनों जनपदों के उपायुक्त मनरेगा सहित अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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