March 5, 2024

किसान पारंपरिक खेती के अतिरिक्त मत्स्य विभाग की योजनाओं का भी लाभ लें

झांसी। आज विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना की बैठक आयोजित हुई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2022-23 हेतु प्रधानमंत्री मत्स्य योजना अन्तर्गत कार्ययोजना तैयार की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों को प्राप्त हो,अपात्र किसी भी दशा में योजनाओं का लाभ प्राप्त ना करें इसे अवश्य सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने बैठक में योजनाओं का जनपद में व्यापक प्रचार प्रसार किए जाने के निर्देश दिए। बैठक के दौरान कार्ययोजना में निजी तालाब निर्माण, निवेश, मत्स्य परिवहन हेतु इन्सुलेटिड वेन, मत्स्य विपणन हेतु जिन्दा मत्स्य केन्द्र, रिसर्कुलेटरी एक्वा कल्चर सिस्टम, बायोफलॉक तालाब निर्माण, मत्स्य आहार मिल एवं मत्स्य विपणन हेतु मोटर साईकिल विथ आइस बॉक्स उपयोजना का चयन किया गया है। उपनिदेशक मत्स्य द्वारा बताया गया कि चयनित परियोजनाओं की लागत 404.40 लाख है, जिसमें 231.29 लाख लाभार्थियों को अनुदान के रूप में दिया जाएगा। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने बैठक में कार्य योजना के क्रियान्वयन से होने वाले लाभ की ओर ध्यान आकर्षित करते हुये कहा गया कि कार्ययोजना के क्रियान्वयन के फलस्वरूप जनपद झॉसी में मत्स्य उत्पादन बढने से गुणवत्तापरक मत्स्य उत्पाद और ग्रामीण/शहरी क्षेत्र के बेरोजगार युवकों को नये रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। इसके अतिरिक्त इससे जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को सुझाव देते हुए कहा कि क्षेत्र में पारंपरिक खेती करने वाले किसानों को भी योजना का लाभ लेने हेतु प्रेरित करें ताकि उसकी आय में वृद्धि हो और सामाजिक और आर्थिक स्थिति में सुधार आए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शैलेष कुमार, जिला कृषि अधिकारी के के सिंह, प्रभारी कृषि विज्ञान केन्द्र डॉक्टर निशी राय, उपायुक्त मनरेगा राम औतार , अधिशासी अभियन्ता, सिंचाई विभाग एवं सहायक निदेशक, मत्स्य उपस्थित रहे।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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