July 17, 2024

कोलकाता की महानंदा फिल्म में दिखाए रानी का किला और बुंदेली संस्कृति और कलाकार, मंडलायुक्त, जेडीए का रहा योगदान

झांसी। भले ही बॉलीवुड आज भी बुंदेलखंड और बुंदेलखंड की कलाओं संस्कृतियों को बड़े पर्दे पर प्रदर्शित नही कर रहा। लेकिन बुंदेलखंड और जनपद रानी लक्ष्मी बाई की वीर गाथा सबको याद दिलाती है। इसी के चलते देश ही नहीं विदेशों में भी आज भी चाहे फिल्म इंडस्ट्रीज हो या कोई बड़ा आयोजन बुंदेली संस्कृति और रानी लक्ष्मी बाई के जीवन से जुड़ी कहानी को बड़े बड़े स्टेज और फिल्म इंडस्ट्रीज पर जरूर प्रदर्शित कर रहे है।

इसमें झांसी मंडलायुक्त अजय शंकर पांडे और उनकी उनकी बुंदेलखंड लोक कला संस्कृति स्मृति तथा विकास प्राधिकरण का बड़ा योगदान है।अभी हाल ही में कम समय में बड़ा मुकाम हासिल करने वाले रानी लक्ष्मी बाई की वीर भूमि से शुरू हुए राधा प्रजापति और उनकी टीम द्वारा विदेशों में बुंदेली संस्कृति कला के माध्यम से प्रस्तुत की गई, बुंदेली कलाओं संस्कृतियों को देख विदेशियों का भी मन मोह लिया। राधा प्रजापति के राधा फाउंडेशन ग्रुप द्वारा दुबई में जोरदार बुंदेली कलाओं को प्रस्तुत किया था। जिसे दुबई के लोगों ने काफी सराहना की। वही अभी हाल ही में कोलकाता की बड़ी फिल्म इंडस्ट्रीज द्वारा रानी लक्ष्मी बाई पर आधारित महानंदा फिल्म बॉलीवुड फिल्म बनाई है, जो बंगाली भाषा में 8 अप्रैल 2022 को रिलीज हो गई। इस फिल्म में रानी लक्ष्मी बाई का झांसी का किला और बुंदेली कलाकार राधा प्रजापति ग्रुप द्वारा किले पर बुंदेली राई नृत्य, बुंदेली लोक गीत सहित बुंदेली संस्कृति को बहुत ही अच्छे तरह से फिल्म में करीब एक घंटे तक प्रदर्शित किया है।

जल्द ही यह फिल्म जी5 ऐप पर भी अगले माह आ जाएगी। राधा फाउंडेशन ग्रुप की निदेशक राधा प्रजापति ने बताया की वह कलाकार है, ओर अपने कला के द्वारा वह लगातार प्रयास करती है, की बुंदेलखंड की संस्कृति को वह लगातार देश विदेशों में ले जाए और वह प्रयासरत भी है।

उन्होंने बताया की बुंदेलखंड के लोक गीत लोक नृत्य यहां की भाषा संस्कृति विदेशियों को काफी अच्छी लग रही ओर वह खुद भी बुंदेलखंड वासियों की तरह ही खुद को प्रदर्शित भी करते है। उन्होंने कोलकाता फिल्म प्रोडक्शन का धन्यवाद दिया की उन्होंने अपनी फिल्म में रानी लक्ष्मी का झांसी का किला और बुंदेलखंड की धरोहरों स्मारकों तथा बुंदेली कलाकारों को प्रदर्शित कर सभी का मान बढ़ाया।

इस दौरान बुंदेलखंड लोक कला संस्कृति समिति की उपाध्यक्ष समजेविका नितिशास्त्री ने बताया की इस फिल्म में और बुंदेलखंड और बुंदेली कलाकारों को अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने और इस फिल्म को प्रदर्शित कराने में मंडलायुक्त अजय शंकर पांडे और विकास प्राधिकरण का काफी योगदान है। उन्होंने बताया यह समिति लगातार बुंदेलखंड की कलाओं और बुंदेलखंड के कलाकारों को निरंतर प्रोत्साहित करने ओर उन्हे बढाने के लिए कार्य कर रहा है।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा