Home उत्तर प्रदेश महाकवि डॉ सुखराम चतुर्वेदी फौजी की रचित पुस्तक का हुआ विमोचन

महाकवि डॉ सुखराम चतुर्वेदी फौजी की रचित पुस्तक का हुआ विमोचन

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झांसी। शास्त्री विश्व भारती संस्कृति एवं साहित्य शोध संस्थान, शास्त्री भवन सीपरी बाजार झांसी में कीर्तिशेष विश्वगौरख आचार्य डॉ० सुरेश चंद्र शास्त्री की 17 वीं पुण्य स्मृति को समर्पित संगोष्ठी सम्पन्न हुई. गोष्ठी के मुख्य अतिथि डॉ० पी. के. अग्रवाल (आई. ए.एस. सेवानिवृत एवं साहित्य-भूषण) रहे।गोष्ठी की अध्यक्षता में डॉ प्रताप नारायण दुबे ( बुन्देली काव्य गौरव) द्वारा की गई। गोष्ठी के विशिष्ट सम्मानित अतिथि सर्व ए० के० हिंग्वासिया हरशरण शुक्ल, आलोक शांडिल्य, गयाप्रसाद वर्मा मधुरेखा श्रीमती रमा शुक्ला सखी एवं डी. के.के. साहू रहे संस्थान की ओर से सभी को शॉल, श्रीफल से सम्मानित किया गया। श्री राहुल तिवारी (माधुरी मेडिकोज) द्वारा तुलसी-पौधा देकर सम्मानित किया गया। डॉ० सुश्री नीति शास्त्री संयोजिका द्वारा सभी का स्वागत किया गया। तत्पश्चात कविगोष्ठी का शुभारम्भ श्रीमती ब्रजलता मिश्रा द्वारा माँ सरस्वती वंदना की प्रस्तु‌ति में हुआ तत्पश्चात क्रमशः रामबिहारी सोनी तुक्कड, कामता प्रसाद प्रजापति, साकेत सुमन चतुर्वेदी, ब्रह्मदीन बन्धु मो. नियाम ‘महोबी’ संजय राष्ट्रवादी” उस्मान अश्क (शायर) कैलारस नारायण मालवीय सुश्री साधना जादौन, गया प्रसाद वर्मा ‘मधुरेश’ आलोक शांडिल्य सहित, समस्त विशिष्ट अतिधि कवियों द्वारा प्रेरक काव्य-पाठ किया गया मुख्य अतिथि पी० के० अग्रवाल ने ‘दशहरा पर्व पर राम के चरित्र का गुणगान किया (सभा अध्यक्ष डॉ० • पुलाप नारायण दुबे ने पढ़ा-“कोई कहता रहा है कोई को सुनता रहा है। सीढ़ीयां आई गई पर सीढ़ियां चढ़‌ता रहा है।” इस अवसर पर डॉ० सुखराम चतुर्वेदी फौजी द्वारा रचित “काव्य मंजूरी एवं गीता शोध महाकाव्य” दोनों पुस्तकों का विमोचन किया गया गोष्ठी में भी सुमित बबेले, सुभाष चन्द्र श्रीमती ममता तिवारी, मंगल सेन आदि अनेक श्रोता उपस्थित रहे। गोष्ठी का संयोजन एवं संचालन डॉ० सुश्री नीति शास्त्री एवं डॉ. सुखराम चतुर्वेदी फौजी ने संयुक्त रूप से किया। अन्त में चतुर्भुज शिवहरे एवं स्व- रतन टाटा (उद्योगपति) के निधन पर मौन श्रद्धाञ्जलि दी गयी |

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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