झांसी। मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के माध्यम से समस्त मण्डलायुक्तों व जिलाधिकारियों के साथ बैठक की। मुख्य सचिव ने कहा कि मंडलायुक्त, जिलाधिकारी एवं तहसील व ब्लॉक स्तर के अधिकारी निर्धारित समय पर बैठकर जनसुनवाई करें। थाना दिवस एवं तहसील दिवस पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापरक समाधान हो और शिकायतकर्ता पूरी तरह संतुष्ट हो। करप्शन के मामले में सख्त से सख्त कार्यवाही की जाए। सुधार न लाने पर उनका स्थानांतरण किया जाए। जनप्रतिनिधियों के माध्यम से प्राप्त जन समस्याओं का शीर्ष प्राथमिकता पर निस्तारण किया जाए। जनप्रतिनिधियों का कॉल अवश्य रिसीव करें, व्यस्त होने की स्थिति में कॉल बैक करें। उन्होंने कहा कि निजी व सरकारी वाहनों में प्रेशर वाहन का प्रयोग नहीं होना चाहिए। रेंडम चेकिंग अभियान चलाकर एनफोर्समेंट की कार्यवाही करें। शासकीय वाहन चालकों के विरुद्ध भी एक्शन लिया जाए। वाहन चालकों को सेंसटाइज किया जाए कि वह नॉर्मल हॉर्न को भी अनावश्यक लगातार न बजाएं। सभी सदर माल खानों का निरीक्षण करा लिया जाए, जहां उच्चीकरण या नवीन भवन के निर्माण की आवश्यकता है, उसका प्रस्ताव गृह विभाग को शीघ्र उपलब्ध करा दिया जाए। दशम अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के संबंध में उन्होंने कहा कि सभी जनपदों में आपसी समन्वय से सफलतापूर्वक सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किया जाए। इसमें गैर सरकारी संस्थाओं का सहयोग लिया जाए। कार्यक्रम के फोटो और वीडियो को आयुष कवच एप पर अवश्य अपलोड कराएं। पंचायत प्रांगण, विद्यालयों, आंगनवाड़ी, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों तथा अन्य स्थानों पर अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2024 को कार्यक्रम आयोजित किये जाएं ताकि विशेषकर युवाओं को योग व तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने हेतु प्रेरित किया जा सके। सभी सरकारी कार्यालयों में वाई ब्रेक प्रोटोकॉल का योगाभ्यास कराया जाए। राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में आवंटित धनराशि के सापेक्ष समस्त जनपद अपनी कार्ययोजना बनाते हुए नियमानुसार शत-प्रतिशत व्यय कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि 2000 प्रतिलाख जनसंख्या/प्रतिवर्ष के हिसाब से सम्भावित टी०बी० के मरीजों का चिन्हीकरण कर समस्त स्वास्थ्य केन्द्रों पर जाँच एवं उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करायी जाये। समस्त आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में सम्भावित सभी टी०बी० रोगियों की बलगम की जाँच हेतु सैम्पल ट्रांसपोर्टेशन के द्वारा नजदीकी जाँच केन्द्रों पर शत-प्रतिशत भेजा जाये। टी०बी० नोटीफिकेशन रेट लक्ष्य के सापेक्ष समयबद्ध होकर पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जल बहुत ही संवेदनशील मुद्दा है। प्रदेश के समस्त जिलों में मानसून के प्रारम्भ से पूर्व प्राथमिकता पर आवश्यकतानुसार जल स्रोतों यथा तालाब, कृत्रिम पुनर्भरण संरचना, छोटी नदियाँ, चेकडैम, जल निकाय के डिसिल्टिंग / पुनरूद्धार के कार्य पूर्ण कर लिए जायें, जिससे कि वर्षा ऋतु में अधिकाधिक वर्षा जल का संचयन करते हुए जल शक्ति अभियान को सार्थकता प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि गत वर्षों में जनपदों में जिन शासकीय/अर्द्धशासकीय भवनों पर रूफटाप रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली की स्थापना की गयी है, उनका निरीक्षण कर यथावश्यक सफाई या मरम्मत करा लिया जाए ताकि वे क्रियाशील रहे। नगरीय क्षेत्रों में आने वाले समस्त पार्क अथवा आपके नियन्त्रणाधीन सार्वजनिक स्थलों में वर्षा जल संचयन के प्रभावी उपाय किए जाएं। जनपद के सभी अमृत सरोवर का निरीक्षण कराकर यदि कहीं जल प्रवाह में रूकावट हो, उसे ठीक किया जाए एवं यदि सिल्ट या वनस्पतियाँ हो, तो उसे भी साफ करा लिया जाए। यदि कहीं अमृत सरोवर निर्माणाधीन हो तो उसे शीघ्र पूरा करा लिया जाये। बैठक में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य पार्थ सारथी सेन शर्मा, प्रमुख सचिव नमामि गंगे अनुराग श्रीवास्तव, सचिव गृह संजीव गुप्ता, आयुक्त ग्राम्य विकास जी.एस.प्रियदर्शी, एमडी जल निगम (ग्रामीण) राजशेखर, एनआईसी झांसी से मण्डलायुक्त बिमल कुमार दुबे, जिलाधिकारी अविनाश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा






