झांसी। मंगलवार को राष्ट्रभक्त संगठन के केन्द्रीय अध्यक्ष अंचल अड़जरिया द्वारा जिलाधिकारी झॉसी के माध्यम से प्रधानमंत्री को सम्बोधित एक ज्ञापन दिया जिसमें कहा गया कि बांग्लादेश में बी0एन0पी0 के नेता फिरोज खान के द्वारा इस्कॉन मंदिर के प्रवक्ता चिन्मयदास पर देशद्रोह का आरोप लगा कर मुकदमा कायम करवाया गया है जबकि बी0एन0पी0 की नेता शेख हसीना को भारत सरकार शरण दिये हुये है। आज सम्पूर्ण बांग्लादेश का हिन्दू हिंसा, लूटपाट, बलात्कार जैसी घटनाओं का लगातार शिकार हो रहा है। चिन्मय दास के वकील रमन रॉय पर भी कल कातिलाना हमला किया गया और वह जिन्दगी और मौत से जूझ रहे है। अल्प संख्यक हिन्दू, बौद्ध, सिक्ख, इसाई सभी का बांग्लादेश में कट्टरपंथियों के कारण जीना दूभर है। आप अमेरिका, यूनाईटेट नेशन सहित अन्य सभी से वार्ता कर बांग्लादेश में हिन्दूओं की सुरक्षा सुनिश्चित कराये जाने व 8 सूत्रीय मांग जो बांग्लादेश के हिन्दूओं द्वारा की जा रही है उस पर अमल हो । ऐसा करने का आग्रह हम सभी आपसे करते है। आपकी स्थिति वैश्विक नेता है। आप ऐसा करने में अवश्य ही सफल होगें। ऐसा सभी राष्ट्रभक्तों का मानना है। उन्होंने कहा कि संभल हिंसा पर पुलिस को घेरा जा रहा है जबकि पुलिस ने सही तरीके से अपना काम किया है अगर पुलिस से इतनी ही दिक्कत है तो क्यों नहीं संभल हिंसा के लिए पुलिस को जिम्मेदार ठहरने वाले नेता अपनी सुरक्षा वापस कर रहे है। उन्हें अपनी सुरक्षा वापस कर देना चाहिए फिर उन्हें पुलिस का महत्व समझ में आ जाएगा। उन्होंने कहा कि नेताओं को यह समझना पड़ेगा की पुलिस भी इंसान है उसका भी परिवार है वह अपनी जान पर खेलकर आम नागरिक की सुरक्षा करती है क्या पुलिस पत्थर खाने के लिए और गोली खा लेने के लिए बनी है अपनी सुरक्षा में गोली चलाने का अधिकार पुलिस के पास सुरक्षित है आज तक सरकार के द्वारा एक भी मुस्लिम नेता को गिरफ्तार नहीं किया गया है। उन्होंने ज्ञापन में कहा कि चाहे वह कोरोना फैलाने में निजामुद्दीन दरगाह मौलवी का हाथ रहा हो चाहे जामा मस्जिद के ईमाम चाहे तौकिक रजा चाहे ओवैसी बंधु इनकी गिरफ्तारी और कार्रवाई होने लगेगी तो देश का माहौल बदलने लगेगा। ज्ञापन देने वालों में अर्पित शर्मा, राहुल, दीपक वर्मा, भूपेंद्र, गोलू ,सीताराम, अभिषेक, आशुतोष, सोनू ,सोवियत, विशाल, पंकज, हनी, मानू, कैलाश, महेंद्र, दीपेंद्र, निशु, नरेंद्र सहित सैकड़ो की संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा






