Home उत्तर प्रदेश राष्ट्रगीत “वन्देमातरम” प्रत्येक भारतीय के लिये प्राण-वायु है : डॉ अनिल...

राष्ट्रगीत “वन्देमातरम” प्रत्येक भारतीय के लिये प्राण-वायु है : डॉ अनिल कुमार दीक्षित

23
0

देहरादूनl वन्देमातरम राष्ट्रगीत गीत की 150वीं वर्षगाँठ पर आज पूरा देश जश्न मना रहा हैवन्देमातरम के एतिहासिक महत्व का वर्णन करते हुए उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर अनिल कुमार दीक्षित नें कहा कि यह गीत भारत के स्वंत्रता संग्राम की आत्मा है l कवि बंकिम चन्द्र चटर्ज़ी द्वारा रचित “वन्देमातरम” का प्रकाशन पहली बार 7 नवंबर 1875 को साहित्यिक पत्रिका बंगदर्शन में हुआ जो बाद में आनंदमठ में शामिल हो स्वंत्रता आंदोलन का प्रतीक बन गया l यह गीत भारत की राष्ट्रीय पहचान बन स्वतंत्रता सेनानियों को गुलामी की जंज़ीर तोड़ने के लिये प्रेरित करनें लगा जिसने अंग्रेजो की नींद उड़ा दी lइतिहास संकलन समिति के तत्वाधान में आयोजित गोष्ठी में “वन्देमातरम” के प्रति सम्मान अर्पित करते हुए एतिहासिक महत्व पर चर्चा करते हुए डॉ.रमेश अग्निहोत्री नें कहा कि भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के प्रति कृतज्ञता अर्पित की जिन्होंने वन्देमातरम को राष्ट्रीय गीत का दर्ज़ा देने का प्रस्ताव रखा lश्रीमती मीनादेवी नें कहा कि हर भारत वासी वन्देमातरम को “राष्ट्रगान जन गण मन” के बराबर ही सम्मान देता है क्योंकि यह गीत हमें देशभक्ति क़ी प्रेरणा देता है l गोष्ठी में विवेक कुमार, हरिशंकर, सुधा देवी, सुधीर अग्रवाल, प्रियंका, सौरभ सिँह आदि मौजूद रहेl

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here