Home उत्तर प्रदेश हो जाईए तैयार तुलसी विवाह के लिए : पिंकी मिश्रा

हो जाईए तैयार तुलसी विवाह के लिए : पिंकी मिश्रा

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रीता पाठक
बबिता पटेल

झांसी। त्यौहारों की कहे तो नवरात्रि बाद मानों जैसे त्यौहारों की लाईन सी लग जाती है कभी दीपावली, गोवर्धन, भाईदूज, तो महापर्व छठ पूजा जहां भक्तगणों की कतार लग जाती हैं, दीपावली के ठीक 11 दिनों बाद देवउठान ग्यारस यानी एकादशी प्र भगवान विष्णु की पूजा अर्चना की जाती हैं, इस बार देवउठान 4 नवम्बर को हैं साथ ही इसी दिन तुलसी विवाह भी होता हैं जिसके ठीक बाद ही हिन्दू धर्म के अनुसार विवाह प्रारम्भ हो जाते हैं,ऐसे करें तुलसी विवाह की तैयारी. तुलसी विवाह के दिन तुलसी के पौधे को पूरे साज सजावट और सोलह श्रंगार के साथ तैयार किया जाता है . तुलसी विवाह के दिन उसका पौधा आंगन में बीचो बीच रखें साथ ही सालिग्राम को भी रखें. पहले तुलसी और शालिग्राम पर जल चढाए, साथ ही दूध में भीगी हल्दी को तुलसी और शालिग्राम जी को लगाएं, सिर्फ तुलसी को ही अक्षत चढ़ाए. गन्ने की सहायता से तुलसी के पौधे के चारो और घेर जैसा मंडप बनाएं और साथ ही इसकी भी पूजा करें. पूजन करते समय कपूर से आरती करते समय नमो नमो तुलसा महारानी, नमो नमो हरी की पटरानी मंत्र का उच्चारण कर तुलसी की 11 बार तुलसी की परिक्रमा करें पूजा पूरी होते ही भगवान विष्णु को जगाने का आवाह्न करने के लिए मंत्रो का उच्चारण करे उत्तिष्ठो उत्तिष्ठ गोविंदो, उत्तिष्ठो गरुड़ध्वज।उत्तिष्ठो कमलाकांत, जगताम मंगलम कुरु।।’इस तरह करें देवउठान पूजा की तैयारी. दीपावली के ठीक 11 दिन बाद देवउठान एकादशी होती हैं, यह भी त्यौहार की तरह धूमधाम से मनाया जाता है, इस दिन खासतौर पर गन्ने गन्ने की पूजा की जाती हैं, इस ग्यारस के त्यौहार पर मुख्य बाजार से लेकर फुटपाथ पर चारों तरफ़ गन्ने की भरमार होती हैं, इस ग्यारस त्यौहार में मान्यता होने के कारण गन्ने के भाव उनकी कीमत इस दिन खासकर बढ़ जाती है, कोई इस दिन अपने अपने घर पूजन के लिए 5 गन्ने ले जाता है तो कोई 11 गन्नो से ग्यारस की पूजा करता हैलोगों की राय तुलसी विवाह को लेकर तैयारियों में जुटी रीता पाठक ने बताया कि मुझे हर त्यौहार में साज सजाव के साथ पूजा पाठ का भी शौक है और इस दिन तुलसी पूजन के लिए पहले से ही हम साज सजावट के साथ तुलसी मां को सजाने के लिए लाल चुनरी, सुहाग का समान ,श्रंगार, लाई, खिल, आदि समान जुटाते हैं साथ में चावल खिल हलवा पूड़ी मौसमी सब्जी, मिठाई आदि चढ़ाते है और खिल से परिक्रमा लगाते हैंगुदरी बाजार से बबीता पटेल का कहना है कि तुलसी पूजन के दिन तुलसी के पौधे को आंगन के बीचों बीच रखकर साज सजावट के साथ चौक बनाकर पूजन किया जाता है मां को श्रृंगार का सारा सामान चढ़ाया जाता है और विशेषकर लाल चुनरी जरूरी चढ़ानी चाहिए साथ ही इन सबसे पहले जल, हल्दी, कुमकुम से टिका करके धूप दीप जलाकर पूजा के बाद परिक्रमा करनी चाहिए।

रिपोर्ट – पिंकी मिश्रा

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