झांसी। सीएट टायर एजेंसी में आठ वर्ष पूर्व घरेलू कनेक्शन के नाम पर चलाए जा रहे विधुत संयोजन को विधुत विभाग की टीम ने पकड़ा था। जिसमें न्यायालय में चल रहे मुकदमे में टायर एजेंसी संचालक को दोषी मानते हुएन्यायालय अपर सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश झांसी आनंद कुमार तृतीय की अदालत ने चार लाख उन्यासी हजार आठ सौ चौंसठ रुपए जुर्माना अदा करने का फैसला सुनाया।अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता पुष्पेंद्र राजपूत ने जानकारी देते हुए बताया कि 8 अगस्त 2014 को विधुत विभाग की टीम ने शिवाजी नगर स्थित ट्रेक्टर एजेंसी के सामने स्थित सीएट टायर एजेंसी पर छापेमारी कार्यवाही की। इस दौरान एजेंसी पर चल रहे विधुत संबंधी एजेंसी संचालक राजीव अग्रवाल से दस्तावेज मांगे गए तो उन्होंने एक बिल दिखाया। जिसकी जांच के दौरान पता चला कि सीएट टायर एजेंसी पर चल रहा विधुत संयोजन किसी महिला के नाम ओर घरेलू कनेक्शन के नाम पर है। इस पर पांच किलो बाँट लोड कम पाया गाया। जिस पर अभियोग पंजीकृत कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल कर दिया था। इस मामले में न्यायालय ने सुनवाई करते हुए गवाहों ओर साक्ष्य तथा साहसकीय अधिवक्ता की जिरह के बाद सीएट टायर एजेंसी संचालक राजीव अग्रवाल को दोषी पाए जाने के बाद न्यायालय ने आज उस पर चार लाख उन्यासी हजार आठ सौ चौंसठ रुपए जुर्माना से दंडित किया है।
रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा






