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परमेंद्र की निष्पक्ष विवेचना के चलते नंदकिशोर के हत्यारोपी पहुंचे सलाखों में, कुछ दिन पूर्व डकैतों की हुई थी उम्र कैद

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झांसी। अपराध घटने से लेकर अपराध करने वाले अपराधी को उसके जुर्म की सजा दिलाने में अभियोजन के साथ साथ अहम भूमिका विवेचक की होती हैं। घटना से जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य, सुराग ओर साक्षी को एकत्रित कर ठोस पैरवी कर आरोपियों को सजा दिलाना एक निष्पक्ष विवेचक का कर्तव्य होता है, जिसे जनपद झांसी में तैनात उपनिरीक्षक परमेंद्र सिंह पूरी कर्तव्य निष्ठा से निभाते हैं। इसी के चलते बीते दिनों न्यायलय ने बड़ागांव में डकैती और हत्या करने वाले आरोपियों को दोष सिद्ध होने पर उम्र कैद ओर एक लाख का जुर्माना लगाया। इसी प्रकार परमेंद्र सिंह ने रक्सा थाना क्षेत्र में हुए नंदकिशोर के अपहरण ओर हत्या कांड की घटना पर भी निष्पक्ष विवेचना जारी रखी। जिसके चलते निर्दोषों पर दर्ज मुकदमे में उन्हें न्याय दिलाते हुए आज परमेंद्र सिंह ने असली दोषियों को सलाखों में भेज दिया। नंदकिशोर की हत्या आरोपियों ने सिर्फ इसलिए कर दी क्योंकि मुख्य आरोपी उसकी पत्नी से बात चीत करता था और नंदकिशोर उसे रोकता था। इसलिए मुख्य आरोपी ने अपने साथियों के साथ उसकी हत्या करने की योजना बनाकर अपहरण कर हत्या कर दी थी। आपको बता दे कि छह फरवरी को इमलिया गांव निवासी राजमिस्त्री नंदकिशोर का अपहरण हो गया था। जिसकी शिकायत उसकी पत्नी ने ससुरालियों पर आरोपलगाकर मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद रक्सा थाना प्रभारी परमेंद्र सिंह विवेचना कर घटना की सही जानकारी ओर सही आरोपियों का पता लगा रहे थे। कि दो दिन पूर्व सूचना मिली कि राजमिस्त्री नंदकिशोर का शव बबीना थाना क्षेत्र के तोल के पास हाइवे पर पड़ा है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए विवेचना तेजगति कर दी थी। इसी दौरान विवेचना कर रहे रक्सा थाना प्रभारी परमेंद्र सिंह को नामजद आरोपी निर्दोष साबित होते दिखे। इस पर उन्होंने सर्वेलेंस का सहारा लिया। इधर एसएसपी श्रीमती सुधा सिंह ने घटना का तत्काल अनावरण के निर्देश दिए। एसएसपी के निर्देशन पर हत्याकांड के आरोपियों की तलाश में लगे रक्सा थाना प्रभारी परमेंद्र सिंह ओर उनकी टीम ने गांव के रहने वाले छोटी उर्फ भवानी को हिरासत में लेकर कढ़ाई से पूछताछ की। भवानी ने जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि वह नंदकिशोर की पत्नी से बात चीत करता था। नंदकिशोर उसका विरोध करता था। इसलिए छोटी उर्फ भवानी ने अपने साथी अनिल, अरविंद ओर गजेन्द्र तथा दो अन्य के साथ नंदकिशोर की हत्या की योजना बनाई ओर इसी के लिए छोटू उर्फ भवानी ने पुरानी चार पहिया गाड़ी पंद्रह दिन पूर्व खरीदी थी। घटना वाले दिन छोटू उर्फ भवानी और उसके साथ अरविंद, अनिल, गजेंद्र परिहार कार क्रमांक यूपी 15 ए क्यूं 7280 से नंदकिशोर का अपहरण उसके घर के पास से करके ले गए और उसकी तोलिया से गला घोंट कर हत्या कर लाश को बबीना में हाइवे पर फेंक कर भाग आए थे। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अभियोग पंजीकृत कर उन्हें जेल भेजने की कार्यवाही शुरू कर दी। इधर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त कार, तोलिया बरामद करते हुए घटना में शामिल दो फरार आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। आपको बता दे कि वर्ष 2021 में परमेंद्र सिंह बड़ागांव थाना प्रभारी थे। जहां एक डकैती हत्या की वारदात करने वाले आरोपियों की विवेचना कर खुलासा करते हुए उन्हें उम्र कैद तक की सजा दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। आज रक्सा में असली आरोपियों को जेल भेजने पर निर्दोष लोगों ने पुलिस की काफी प्रशंसा की।

रिपोर्ट – मुकेश वर्मा/राहुल कोष्टा

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